अब डर सा लगने लगा है मुझे उस हर शख्स से जो कहता है मैं तुम्हे अकेला नहीं छोड़ूंगा
टूट कर चाहना और टूट जाना बात छोटी है मगर जान निकल जाती है
किसी के बुरे प्रभाव से खुद को छिपाए रखना क्योंकि तुझे मंजिल के सफर में कायम है रहना इससे पहले कि कुछ गलत हो जाए, खुद को धोखे के जहर से बचाए रखना!!
नए लोग से आज कुछ तो सीखा हे, पहले अपने जैसा बनाते हे फिर अकेला छोड़ देते है...
फिलहाल तोह यूँ है कुछ कर नहीं सकते, तेरे बिन ही मरना होगा साथ मर नहीं सकते, सूखे से पत्ते हैं एक टहनी पे लगे, किस्मत तोह देखो के झाड़ नहीं सकते, फिलहाल तोह यूँ है कुछ कर नहीं सकते.
तमाशा बन गयी है ज़िन्दगी कुछ कहे तो भी बुरे और कुछ न कहे तो भी बुरे
अब डर सा लगने लगा है मुझे उस हर शख्स से जो कहता है मैं तुम्हे अकेला नहीं छोड़ूंगा
टूट कर चाहना और टूट जाना बात छोटी है मगर जान निकल जाती है
किसी के बुरे प्रभाव से खुद को छिपाए रखना क्योंकि तुझे मंजिल के सफर में कायम है रहना इससे पहले कि कुछ गलत हो जाए, खुद को धोखे के जहर से बचाए रखना!!
नए लोग से आज कुछ तो सीखा हे, पहले अपने जैसा बनाते हे फिर अकेला छोड़ देते है...
फिलहाल तोह यूँ है कुछ कर नहीं सकते, तेरे बिन ही मरना होगा साथ मर नहीं सकते, सूखे से पत्ते हैं एक टहनी पे लगे, किस्मत तोह देखो के झाड़ नहीं सकते, फिलहाल तोह यूँ है कुछ कर नहीं सकते.
तमाशा बन गयी है ज़िन्दगी कुछ कहे तो भी बुरे और कुछ न कहे तो भी बुरे