इतिहास गवाह है- 'खबर' हो या 'कबर' खोदते हमेशा अपने ही हैं|

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दिमाग पर ज़ोर लगाकर गिनते हो गलतियां मेरी कभी दिल पर हाथ रख के पूछना कसूर किसका है

ये मोहब्बत के हादसे दिलो को तोड़ देते है, तुम मज़िल की बात करते हो लोग राहों मे छोड़ देते है

देख लिया खुद को बिजी रख कर भी फिर भी याद सिर्फ तुम्हारी आती हैं.

कुछ तो है तुझसे मेरा रिश्ता वर्ण कोई गैर इतना भी याद नहीं आता

रिश्ते वो होते हैं जिसमे शब्द कम और समझ ज्यादा हो......

ना मुलाक़ात याद रखना, ना पता याद रखना, बस इतनी सी आरज़ू है, मेरा नाम याद रखना.

दिमाग पर ज़ोर लगाकर गिनते हो गलतियां मेरी कभी दिल पर हाथ रख के पूछना कसूर किसका है

ये मोहब्बत के हादसे दिलो को तोड़ देते है, तुम मज़िल की बात करते हो लोग राहों मे छोड़ देते है

देख लिया खुद को बिजी रख कर भी फिर भी याद सिर्फ तुम्हारी आती हैं.

कुछ तो है तुझसे मेरा रिश्ता वर्ण कोई गैर इतना भी याद नहीं आता

रिश्ते वो होते हैं जिसमे शब्द कम और समझ ज्यादा हो......

ना मुलाक़ात याद रखना, ना पता याद रखना, बस इतनी सी आरज़ू है, मेरा नाम याद रखना.