गिरते हुए पत्त्तों ने मुझे यह समझाया हैं बोझ बन जाओ तो अपनो भी गिरा देते हैं .
वो जो हमसे नफरत करते हैं, हम तो आज भी सिर्फ उन पर मरते हैं,
दिल पर लग जाती है उन्हें अक्सर हमारी बातें, जो कहते थे तुम कुछ भी बोलो बुरा नहीं लगता...
उन्हें नफरत हुयी सारे जहाँ से, अब नयी दुनिया लाये कहाँ से
वो दूर होकर भी पास हैं हमारी नहीं है फिर भी ख़ास है
किसी को इतना IGNORE मत करो की वह तुम्हारे बिना जीना सिख जाए
गिरते हुए पत्त्तों ने मुझे यह समझाया हैं बोझ बन जाओ तो अपनो भी गिरा देते हैं .
वो जो हमसे नफरत करते हैं, हम तो आज भी सिर्फ उन पर मरते हैं,
दिल पर लग जाती है उन्हें अक्सर हमारी बातें, जो कहते थे तुम कुछ भी बोलो बुरा नहीं लगता...
उन्हें नफरत हुयी सारे जहाँ से, अब नयी दुनिया लाये कहाँ से
वो दूर होकर भी पास हैं हमारी नहीं है फिर भी ख़ास है
किसी को इतना IGNORE मत करो की वह तुम्हारे बिना जीना सिख जाए