दर्द सहने की कुछ यु आदत सी हो गई है.... की अब दर्द न मिले तो दर्द सा होता है

दर्द सहने की कुछ यु आदत सी हो गई है.... की अब दर्द न मिले तो दर्द सा होता है

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अगर आंसुओं की कीमत होती तो कल रात वाला तकिया अरबों का होता

जिस रात की कभी कोई सुबह नही होती हर रात उस रात का इंतेज़ार रहता है.......

नए लोग से आज कुछ तो सीखा हे, पहले अपने जैसा बनाते हे फिर अकेला छोड़ देते है...

एक दिमाग वाला दिल मुझे भी दे दे ख़ुदा, ये दिल वाला दिल सिर्फ़ तकलीफ़ ही देता हैं..

मैं भी तलाश में हूँ, अब किसी अपने की..कोई आप सा तो हो, लेकिन किसी और का ना हो..

हर बात पे ताना, हर अंदाज़ में गुस्सा, साफ़ क्यों नहीं कहते की मोहब्बत नहीं रही

अगर आंसुओं की कीमत होती तो कल रात वाला तकिया अरबों का होता

जिस रात की कभी कोई सुबह नही होती हर रात उस रात का इंतेज़ार रहता है.......

नए लोग से आज कुछ तो सीखा हे, पहले अपने जैसा बनाते हे फिर अकेला छोड़ देते है...

एक दिमाग वाला दिल मुझे भी दे दे ख़ुदा, ये दिल वाला दिल सिर्फ़ तकलीफ़ ही देता हैं..

मैं भी तलाश में हूँ, अब किसी अपने की..कोई आप सा तो हो, लेकिन किसी और का ना हो..

हर बात पे ताना, हर अंदाज़ में गुस्सा, साफ़ क्यों नहीं कहते की मोहब्बत नहीं रही