तमाशा बन गयी है ज़िन्दगी कुछ कहे तो भी बुरे और कुछ न कहे तो भी बुरे
"तुने तो कहा था, हर शाम गुज़रेगी तेरे साथ। तू बदल गई, या तेरे शहर मेँ शाम नहीँ होती।"
जब लोग बदल सकते हैं तो किस्मत क्या चीज है | |
तुझे जाना था तो हमने जाने दिया तुझे,, इससे बढ़कर और क्या वफा करते हम।
हमने भी एक ऐसे इंसान को चाहा, जिसे भूलना हमारे बस में नहीं और पाना किस्मत में नहीं.
पहले चुभा बहुत अब आदत सी हैं, ये दर्द पहले था अब इबादत सी हैं |
तमाशा बन गयी है ज़िन्दगी कुछ कहे तो भी बुरे और कुछ न कहे तो भी बुरे
"तुने तो कहा था, हर शाम गुज़रेगी तेरे साथ। तू बदल गई, या तेरे शहर मेँ शाम नहीँ होती।"
जब लोग बदल सकते हैं तो किस्मत क्या चीज है | |
तुझे जाना था तो हमने जाने दिया तुझे,, इससे बढ़कर और क्या वफा करते हम।
हमने भी एक ऐसे इंसान को चाहा, जिसे भूलना हमारे बस में नहीं और पाना किस्मत में नहीं.
पहले चुभा बहुत अब आदत सी हैं, ये दर्द पहले था अब इबादत सी हैं |