मेरी याद क़यामत की तरह है एक दिन ज़रूर आएगी

मेरी याद क़यामत की तरह है एक दिन ज़रूर आएगी

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अब डर सा लगने लगा है मुझे उस हर शख्स से जो कहता है मैं तुम्हे अकेला नहीं छोड़ूंगा

एक सवाल था तुझसे क्या तुझे सच मैं प्यार था मुझसे.

जितना तुझे किसी ने चाहा भी न होगा उतना तो मैंने सिर्फ तुझे याद किया है

जब दो लोगो के बीच में तीसरा इंसान आ जाता है तो दूरियां अपने आप बढ़ जाती है

मायने खो देते हैं वो जवाब, जो वक्त पर नहीं मिलते !!

खुद से होती है जाने शिकायतें कितनी.....जिन्हें किसी से.... कोई शिकायत नहीं होती

अब डर सा लगने लगा है मुझे उस हर शख्स से जो कहता है मैं तुम्हे अकेला नहीं छोड़ूंगा

एक सवाल था तुझसे क्या तुझे सच मैं प्यार था मुझसे.

जितना तुझे किसी ने चाहा भी न होगा उतना तो मैंने सिर्फ तुझे याद किया है

जब दो लोगो के बीच में तीसरा इंसान आ जाता है तो दूरियां अपने आप बढ़ जाती है

मायने खो देते हैं वो जवाब, जो वक्त पर नहीं मिलते !!

खुद से होती है जाने शिकायतें कितनी.....जिन्हें किसी से.... कोई शिकायत नहीं होती