अब अगर रूठे तो रूठे रहना मैं मनाने वाला हुनर भूल चुकी हूं
खामोश रहना ही बेहतर है लफ्ज़ो के अक्सर लोग गलत मतलब निकाल लेते है.
मुस्कुराना तो सीखना पड़ता हैं, रोना तो लोग सीखा देते हैं..
नसीहत अच्छी देती है दुनिया अगर दर्द किसी ग़ैर का हो
दर्द सहते सहते इंसान सिर्फ हसना नहीं रोना भी छोड़ देता है
हम नादान थे जो उसे हमसफ़र समझ बैठे जो चलती थी साथ मेरे पर तलाश उसे किसी और की थी
अब अगर रूठे तो रूठे रहना मैं मनाने वाला हुनर भूल चुकी हूं
खामोश रहना ही बेहतर है लफ्ज़ो के अक्सर लोग गलत मतलब निकाल लेते है.
मुस्कुराना तो सीखना पड़ता हैं, रोना तो लोग सीखा देते हैं..
नसीहत अच्छी देती है दुनिया अगर दर्द किसी ग़ैर का हो
दर्द सहते सहते इंसान सिर्फ हसना नहीं रोना भी छोड़ देता है
हम नादान थे जो उसे हमसफ़र समझ बैठे जो चलती थी साथ मेरे पर तलाश उसे किसी और की थी