किस मुकाम पर ले आई है ये मोहब्बत हमे उसे पाया भी नहीं जाता और भुलाया भी नहीं जाता
तुम बदले तो हम भी कहां पुराने से रहे, तुम आने से रहे तो हम भी बुलाने से रहे.
गिरते हुए पत्त्तों ने मुझे यह समझाया हैं बोझ बन जाओ तो अपनो भी गिरा देते हैं .
जरा देखो तो, ये दरवाजे पर दस्तक किसने दी है! 'इश्क' हो तो कहना, अब दिल यहाँ नहीं रहता…
ये मोहब्बत के हादसे दिलो को तोड़ देते है, तुम मज़िल की बात करते हो लोग राहों मे छोड़ देते है
चलो अब जाने भी दो....क्या करोगे दास्तां सुनकर,,, ख़ामोशी तुम समझोगे नही....और बयां हमसे होगा नही
किस मुकाम पर ले आई है ये मोहब्बत हमे उसे पाया भी नहीं जाता और भुलाया भी नहीं जाता
तुम बदले तो हम भी कहां पुराने से रहे, तुम आने से रहे तो हम भी बुलाने से रहे.
गिरते हुए पत्त्तों ने मुझे यह समझाया हैं बोझ बन जाओ तो अपनो भी गिरा देते हैं .
जरा देखो तो, ये दरवाजे पर दस्तक किसने दी है! 'इश्क' हो तो कहना, अब दिल यहाँ नहीं रहता…
ये मोहब्बत के हादसे दिलो को तोड़ देते है, तुम मज़िल की बात करते हो लोग राहों मे छोड़ देते है
चलो अब जाने भी दो....क्या करोगे दास्तां सुनकर,,, ख़ामोशी तुम समझोगे नही....और बयां हमसे होगा नही