मोहब्बत क्या है चलो दो लफ्ज़ो में बताते है तेरा मजबूर कर देना मेरा मजबूर हो जाना

मोहब्बत क्या है चलो दो लफ्ज़ो में बताते है तेरा मजबूर कर देना मेरा मजबूर हो जाना

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जब 'मतलब' ना होतो लोग बोलना तो दूर देखना तक छोड़ देते है .

बडा गजब कीरदार है मोहब्बत का, अधूरी हो सकती है पर ख़त्म नहीं....

जिस चाँद के हजारों हो चाहने वाले दोस्त, वो क्या समझेगा एक सितारे कि कमी को…

रिश्ते नाते सब मतलब के यार है, बस पैसा ही सबका सच्चा प्यार है.

मेरी याद क़यामत की तरह है एक दिन ज़रूर आएगी

वो हर बात मुझसे छुपाने लगे हैं, वो मेरे हिस्से का वक़त किसी और के साथ बिताने लगे हैं

जब 'मतलब' ना होतो लोग बोलना तो दूर देखना तक छोड़ देते है .

बडा गजब कीरदार है मोहब्बत का, अधूरी हो सकती है पर ख़त्म नहीं....

जिस चाँद के हजारों हो चाहने वाले दोस्त, वो क्या समझेगा एक सितारे कि कमी को…

रिश्ते नाते सब मतलब के यार है, बस पैसा ही सबका सच्चा प्यार है.

मेरी याद क़यामत की तरह है एक दिन ज़रूर आएगी

वो हर बात मुझसे छुपाने लगे हैं, वो मेरे हिस्से का वक़त किसी और के साथ बिताने लगे हैं