हम नादान ही अच्छे हैं दुनिया के समझदार लोगों से, हम अपने ख़्वाब जरूर तोडते हैं पर किसी का दिल नही
अकेली रात बोलती बहुत है लेकिन सुन वही सकता है जो खुद भी अकेला हो
सुना है आज उस की आँखों मे आसु आ गये, वो बच्चो को सिखा रही थी की मोहब्बत ऐसे लिखते है
अजीब दस्तूर है, मोहब्बत का, रूठ कोई जाता है, टूट कोई जाता है
उसे गजब का शौंक है हरियाली का, रोज आकर जख्मों को हरा कर जाती है
"जब हम रिश्तो के लिए वक़्त नहीं निकाल पाते तो वक़्त हमारे बीच से रिश्तो को निकाल देता है."
हम नादान ही अच्छे हैं दुनिया के समझदार लोगों से, हम अपने ख़्वाब जरूर तोडते हैं पर किसी का दिल नही
अकेली रात बोलती बहुत है लेकिन सुन वही सकता है जो खुद भी अकेला हो
सुना है आज उस की आँखों मे आसु आ गये, वो बच्चो को सिखा रही थी की मोहब्बत ऐसे लिखते है
अजीब दस्तूर है, मोहब्बत का, रूठ कोई जाता है, टूट कोई जाता है
उसे गजब का शौंक है हरियाली का, रोज आकर जख्मों को हरा कर जाती है
"जब हम रिश्तो के लिए वक़्त नहीं निकाल पाते तो वक़्त हमारे बीच से रिश्तो को निकाल देता है."