जरुरत से ज्यादा उम्मीद भी रिश्ते टुटने की वजह बन जाती है......
गुल्लक की तरह था रिश्ता हमारा जब टूटा तब कीमत समझ में आई
पुछा किसी ने की याद आती है उसकी में मुस्कुराया और बोला तभी तो ज़िंदा हूँ
किसी के दिल का दर्द किसने देखा है, देखा है तो सिर्फ चेहरा देखा है, दर्द तो तन्हाई मे होता है, लेकिन इन तन्हाइयों मे लोगो ने हमे हसते हुए देखा है !
कदर करना सिख लो क्योंकि.. ना ही ज़िंदगी वापिस आती है और ना ही लोग..
किसी को इतना IGNORE मत करो की वह तुम्हारे बिना जीना सिख जाए
जरुरत से ज्यादा उम्मीद भी रिश्ते टुटने की वजह बन जाती है......
गुल्लक की तरह था रिश्ता हमारा जब टूटा तब कीमत समझ में आई
पुछा किसी ने की याद आती है उसकी में मुस्कुराया और बोला तभी तो ज़िंदा हूँ
किसी के दिल का दर्द किसने देखा है, देखा है तो सिर्फ चेहरा देखा है, दर्द तो तन्हाई मे होता है, लेकिन इन तन्हाइयों मे लोगो ने हमे हसते हुए देखा है !
कदर करना सिख लो क्योंकि.. ना ही ज़िंदगी वापिस आती है और ना ही लोग..
किसी को इतना IGNORE मत करो की वह तुम्हारे बिना जीना सिख जाए