मुझे हँसता हुआ देखा तो परेशान सा लगा....वह तो रिस्ते हुये जख्म देखने आया था मेरे...
देख लिया खुद को बिजी रख कर भी फिर भी याद सिर्फ तुम्हारी आती हैं.
रिश्ते धीरे धीरे ही खत्म होते हैं बस पता अचानक सा चलता हैं .
कुछ पल निकाल लिया करो मेरे लिए भी, दिल बहुत उदास रहता है जब तुमसे बात नहीं होती
सबका दिल रखने में, अक्सर मेरा दिल टूट जाता है.
साथी तो मुझे अपने सुख के लिए चाहिए दुखों के लिए तो मैं अकेला काफी हूँ !!
मुझे हँसता हुआ देखा तो परेशान सा लगा....वह तो रिस्ते हुये जख्म देखने आया था मेरे...
देख लिया खुद को बिजी रख कर भी फिर भी याद सिर्फ तुम्हारी आती हैं.
रिश्ते धीरे धीरे ही खत्म होते हैं बस पता अचानक सा चलता हैं .
कुछ पल निकाल लिया करो मेरे लिए भी, दिल बहुत उदास रहता है जब तुमसे बात नहीं होती
सबका दिल रखने में, अक्सर मेरा दिल टूट जाता है.
साथी तो मुझे अपने सुख के लिए चाहिए दुखों के लिए तो मैं अकेला काफी हूँ !!