गया था मै तुझसे दुर बहुत कुछ पाने के लिए ……….पर सिवाए तेरी यादो के कुछ हासिल ना हुआ !!!!
अकेली रात बोलती बहुत है लेकिन सुन वही सकता है जो खुद भी अकेला हो
होने वाले ख़ुद ही अपने हो जाते हैं.. किसी को कहकर, अपना बनाया नही जाता..!!
वो लोग क्यों मिलते ही दिल में उतर जाते है, जिन लोगो से किस्मत के सितारे नहीं मिलते
सब अपने से लगते है, लेकिन सिर्फ बातों से ..!
हमे पता है की तुम कहीं और के मुसाफिर हो, हमारा शहर तो यूँ ही बिच में आया था
गया था मै तुझसे दुर बहुत कुछ पाने के लिए ……….पर सिवाए तेरी यादो के कुछ हासिल ना हुआ !!!!
अकेली रात बोलती बहुत है लेकिन सुन वही सकता है जो खुद भी अकेला हो
होने वाले ख़ुद ही अपने हो जाते हैं.. किसी को कहकर, अपना बनाया नही जाता..!!
वो लोग क्यों मिलते ही दिल में उतर जाते है, जिन लोगो से किस्मत के सितारे नहीं मिलते
सब अपने से लगते है, लेकिन सिर्फ बातों से ..!
हमे पता है की तुम कहीं और के मुसाफिर हो, हमारा शहर तो यूँ ही बिच में आया था