जब लोग बदल सकते हैं तो किस्मत क्या चीज है | |
मेरे ग़म को कोई नहीं समझ सका क्यों के मुझे आदत थी मुस्कराने की
वो जा रहा है छोड़ कर..बताओ रास्ता दूँ या वास्ता दूँ...?
जब मिलो किसी से तो ज़रा दूर का रिश्ता रखना बहुत तड़पते हैं अक्सर सीने से लगने वाले
तुमसे गुस्सा होकर भी तुम्हे ही ढूंढा करता हूँ
कभी जिंदगी के धागे टूट जाए तो हमारे पास आना..हम हौसलों के दर्जी है मुफ्त में रफू करते हैं....|
जब लोग बदल सकते हैं तो किस्मत क्या चीज है | |
मेरे ग़म को कोई नहीं समझ सका क्यों के मुझे आदत थी मुस्कराने की
वो जा रहा है छोड़ कर..बताओ रास्ता दूँ या वास्ता दूँ...?
जब मिलो किसी से तो ज़रा दूर का रिश्ता रखना बहुत तड़पते हैं अक्सर सीने से लगने वाले
तुमसे गुस्सा होकर भी तुम्हे ही ढूंढा करता हूँ
कभी जिंदगी के धागे टूट जाए तो हमारे पास आना..हम हौसलों के दर्जी है मुफ्त में रफू करते हैं....|