कोई नही आऐगा मेरी जिदंगी मे तुम्हारे सिवा, एक मौत ही है जिसका मैं वादा नही करता…….. ।।
आज कितने दिनो बाद हुई यह बरसात याद दिलाती यह आपकी हर बात......
सिर्फ एक बहाने की तलाश होती है निभाने वाले को भी, और जाने वाले को भी
ये दिल भी उसी पे मरता है जो हमारी कदर नहीं करता
जब 'मतलब' ना होतो लोग बोलना तो दूर देखना तक छोड़ देते है .
मुझे हँसता हुआ देखा तो परेशान सा लगा....वह तो रिस्ते हुये जख्म देखने आया था मेरे...
कोई नही आऐगा मेरी जिदंगी मे तुम्हारे सिवा, एक मौत ही है जिसका मैं वादा नही करता…….. ।।
आज कितने दिनो बाद हुई यह बरसात याद दिलाती यह आपकी हर बात......
सिर्फ एक बहाने की तलाश होती है निभाने वाले को भी, और जाने वाले को भी
ये दिल भी उसी पे मरता है जो हमारी कदर नहीं करता
जब 'मतलब' ना होतो लोग बोलना तो दूर देखना तक छोड़ देते है .
मुझे हँसता हुआ देखा तो परेशान सा लगा....वह तो रिस्ते हुये जख्म देखने आया था मेरे...