हम नादान थे जो उसे हमसफ़र समझ बैठे जो चलती थी साथ मेरे पर तलाश उसे किसी और की थी
शब्द केवल चुभते है, खमोशियाँ मार देती हैं.
कोई नही आऐगा मेरी जिदंगी मे तुम्हारे सिवा, एक मौत ही है जिसका मैं वादा नही करता…….. ।।
मेरी हर आह को वाह मिली है यहाँ..... कौन कहता है दर्द बिकता नहीं है
अब अगर रूठे तो रूठे रहना मैं मनाने वाला हुनर भूल चुकी हूं
रोता देखकर वो ये कह के चल दिए कि, रोता तो हर कोई है क्या हम सब के हो जाएँ
हम नादान थे जो उसे हमसफ़र समझ बैठे जो चलती थी साथ मेरे पर तलाश उसे किसी और की थी
शब्द केवल चुभते है, खमोशियाँ मार देती हैं.
कोई नही आऐगा मेरी जिदंगी मे तुम्हारे सिवा, एक मौत ही है जिसका मैं वादा नही करता…….. ।।
मेरी हर आह को वाह मिली है यहाँ..... कौन कहता है दर्द बिकता नहीं है
अब अगर रूठे तो रूठे रहना मैं मनाने वाला हुनर भूल चुकी हूं
रोता देखकर वो ये कह के चल दिए कि, रोता तो हर कोई है क्या हम सब के हो जाएँ