कुछ अजीब सा रिश्ता है उसके और मेरे दरमियां, ना नफरत की वजह मिल रही है ना मोहब्बत का सिला.
एक खेल रत्न उसको भी दे दो, बड़ा अच्छा खेलती है वो दिल से
प्यार बार बार नहीं होता, और हर यार वफ़ा दर नहीं होता
जिस रात की कभी कोई सुबह नही होती हर रात उस रात का इंतेज़ार रहता है.......
कभी कभी हम किसी के लिए उतना जरूरी भी नहीं होते जितना हम सोच लेते है .
रिश्ते वो होते हैं जिसमे शब्द कम और समझ ज्यादा हो......
कुछ अजीब सा रिश्ता है उसके और मेरे दरमियां, ना नफरत की वजह मिल रही है ना मोहब्बत का सिला.
एक खेल रत्न उसको भी दे दो, बड़ा अच्छा खेलती है वो दिल से
प्यार बार बार नहीं होता, और हर यार वफ़ा दर नहीं होता
जिस रात की कभी कोई सुबह नही होती हर रात उस रात का इंतेज़ार रहता है.......
कभी कभी हम किसी के लिए उतना जरूरी भी नहीं होते जितना हम सोच लेते है .
रिश्ते वो होते हैं जिसमे शब्द कम और समझ ज्यादा हो......