गणपति बाप्पा मोरया। ॥ॐ गं गणपतये नमः॥ ॥ॐ श्री गणेशाय नमः॥
गणेश गजानन की ज्योति से नूर मिलता है, हम सबके दिलों को बेहद सुरूर मिलता है, जो भी दिल से जाए गणपति के द्वार हर भक्त को कुछ ना कुछ जरूर मिलता है.. गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनाएं!
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा माता जाकी पार्वती पिता महादेवा..।। शिवजी के प्यारे, लड्डु खा के मुशक सवारे, वो है देवा गणेश हमारे श्री गणेशा देवा श्री गणेशा देवा। वक्रतुण्ड महाकाय सुर्यकोटि समप्रभ निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा। सुख करता जय मोरया, दुख हरता जय मोरया।
धरती पर बारिश की बुँदे बरसे, आप के ऊपर अपनों का प्यार बरसे। “गणेशजी” से बस यही दुआ हैं।। आप ख़ुशी के लिए नहीं, ख़ुशी आप के लिए तरसे।।
गणपति बप्पा मोरया..त्वमेव माता च पिता त्वमेवत्वमेव बन्धु सखा त्वमेवत्वमेवविद्या द्रविणं त्वमेवत्वमेव सर्वं मम देव देवाअचुतम केशवं रामा नारायणंकृष्णा देमोदरम वाशुदेवं हारीमश्रीधरम माधावुम गोपिका वल्लभंजानकी नायकम रामचंद्रम भजेहरे राम हरे रामराम राम हरे हर
सब शुभ कारज में पहले पूजा तेरी, तुम बिना काम ना सरे, अरज सुन मेरी रिध सिध को लेकर करो भवन में फेरी करो ऐसी कृपा नित करूँ मैं पूजा तेरी,
गणपति बाप्पा मोरया। ॥ॐ गं गणपतये नमः॥ ॥ॐ श्री गणेशाय नमः॥
गणेश गजानन की ज्योति से नूर मिलता है, हम सबके दिलों को बेहद सुरूर मिलता है, जो भी दिल से जाए गणपति के द्वार हर भक्त को कुछ ना कुछ जरूर मिलता है.. गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनाएं!
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा माता जाकी पार्वती पिता महादेवा..।। शिवजी के प्यारे, लड्डु खा के मुशक सवारे, वो है देवा गणेश हमारे श्री गणेशा देवा श्री गणेशा देवा। वक्रतुण्ड महाकाय सुर्यकोटि समप्रभ निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा। सुख करता जय मोरया, दुख हरता जय मोरया।
धरती पर बारिश की बुँदे बरसे, आप के ऊपर अपनों का प्यार बरसे। “गणेशजी” से बस यही दुआ हैं।। आप ख़ुशी के लिए नहीं, ख़ुशी आप के लिए तरसे।।
गणपति बप्पा मोरया..त्वमेव माता च पिता त्वमेवत्वमेव बन्धु सखा त्वमेवत्वमेवविद्या द्रविणं त्वमेवत्वमेव सर्वं मम देव देवाअचुतम केशवं रामा नारायणंकृष्णा देमोदरम वाशुदेवं हारीमश्रीधरम माधावुम गोपिका वल्लभंजानकी नायकम रामचंद्रम भजेहरे राम हरे रामराम राम हरे हर
सब शुभ कारज में पहले पूजा तेरी, तुम बिना काम ना सरे, अरज सुन मेरी रिध सिध को लेकर करो भवन में फेरी करो ऐसी कृपा नित करूँ मैं पूजा तेरी,