कोई भी सफर कभी खत्म नही होता या तो रास्ता बदल जाता है या फिर वास्ता ख़त्म हो जाता है

कोई भी सफर कभी खत्म नही होता या तो रास्ता बदल जाता है या फिर वास्ता ख़त्म हो जाता है

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शक तो था मोहब्बत में नुक़सान होगा, पर सारा हमारा ही होगा ये मालूम न था

सिलसिला आज भी वही जारी है, तेरी याद, मेरी नींदों पर भारी है

रूठना तेरा लाज़मी था हर बार मनाने की आदत जो हमने डाली थी .

दिल की बात तो हर कोई करता है लेकिन मरते सब चेहरों पर ही हैं

मौत आये तो शायद दिन सवर जाए वरना ज़िंदगी ने तो मार ही डाला है

बहुत देर करदी तुमने मेरी धड़कन महसूस करने मे ..! वोह दिल निलाम हो गया, जिस पर कभी हकुमत तुम्हरी थी !

शक तो था मोहब्बत में नुक़सान होगा, पर सारा हमारा ही होगा ये मालूम न था

सिलसिला आज भी वही जारी है, तेरी याद, मेरी नींदों पर भारी है

रूठना तेरा लाज़मी था हर बार मनाने की आदत जो हमने डाली थी .

दिल की बात तो हर कोई करता है लेकिन मरते सब चेहरों पर ही हैं

मौत आये तो शायद दिन सवर जाए वरना ज़िंदगी ने तो मार ही डाला है

बहुत देर करदी तुमने मेरी धड़कन महसूस करने मे ..! वोह दिल निलाम हो गया, जिस पर कभी हकुमत तुम्हरी थी !