वो जो हमसे नफरत करते हैं, हम तो आज भी सिर्फ उन पर मरते हैं,
बडा गजब कीरदार है मोहब्बत का, अधूरी हो सकती है पर ख़त्म नहीं....
सब अपने से लगते है, लेकिन सिर्फ बातों से ..!
बात ये नहीं थी, कुछ कहना था तुम्हें.. तकलीफ़ ये है, कि तुम ख़ामोश क्यूँ रहे..
आज कितने दिनो बाद हुई यह बरसात याद दिलाती यह आपकी हर बात......
लोग हमेशा गलत इंसान से धोखा खाने के बाद अच्छे इंसान से बदला लेते हैं
वो जो हमसे नफरत करते हैं, हम तो आज भी सिर्फ उन पर मरते हैं,
बडा गजब कीरदार है मोहब्बत का, अधूरी हो सकती है पर ख़त्म नहीं....
सब अपने से लगते है, लेकिन सिर्फ बातों से ..!
बात ये नहीं थी, कुछ कहना था तुम्हें.. तकलीफ़ ये है, कि तुम ख़ामोश क्यूँ रहे..
आज कितने दिनो बाद हुई यह बरसात याद दिलाती यह आपकी हर बात......
लोग हमेशा गलत इंसान से धोखा खाने के बाद अच्छे इंसान से बदला लेते हैं