हम रोज़ उदास होते हैं और रात गुज़र जाती है एक दिन रात उदास होगी और हम गुज़र जाएंगे
उन्हें नफरत हुयी सारे जहाँ से, अब नयी दुनिया लाये कहाँ से
अगर आंसुओं की कीमत होती तो कल रात वाला तकिया अरबों का होता
जिनके दिल बहोत अच्छे होते हैं, अकसर किस्मत उनकी ही खराब होती है.
"आँखों से हाल पूछा दिल का, एक बूंद टपक पड़ी लहू की..."
तुम मोहबत भी मौसम की तरह निभाते हो, कभी बरसते हो कभी एक बूंद को तरसाते हो
हम रोज़ उदास होते हैं और रात गुज़र जाती है एक दिन रात उदास होगी और हम गुज़र जाएंगे
उन्हें नफरत हुयी सारे जहाँ से, अब नयी दुनिया लाये कहाँ से
अगर आंसुओं की कीमत होती तो कल रात वाला तकिया अरबों का होता
जिनके दिल बहोत अच्छे होते हैं, अकसर किस्मत उनकी ही खराब होती है.
"आँखों से हाल पूछा दिल का, एक बूंद टपक पड़ी लहू की..."
तुम मोहबत भी मौसम की तरह निभाते हो, कभी बरसते हो कभी एक बूंद को तरसाते हो