किताबों सी शख्सियत दे दे मालिक...सब कुछ बोल दूँ खामोश रहकर....

किताबों सी शख्सियत दे दे मालिक...सब कुछ बोल दूँ खामोश रहकर....

Share:

More Like This

नाकाम मोहबत्त भी बड़े काम की होती है, दिल मिले ना मिले इलज़ाम जरुर मिल जाता है।।

उसके बदलने का कोई दुःख नहीं, बस अपने ऐतबार पर शर्मिंदा हूं

मै तुमको भूल तो जाऊं मगर छोटी सी उलझन है.. सुना है... दिल से धड़कन की जुदाई मौत होती है ..!

ये बात सच है जब किसी की ज़िन्दगी में नए लोग आ जाते है तो वो पुराने लोगो की अहमियत को भूल जाते है

लोग हमेशा गलत इंसान से धोखा खाने के बाद अच्छे इंसान से बदला लेते हैं

गजब है मेरे दिल में तेरा वजूद. मै खुद से दूर तू मुझमें मौजूद...

नाकाम मोहबत्त भी बड़े काम की होती है, दिल मिले ना मिले इलज़ाम जरुर मिल जाता है।।

उसके बदलने का कोई दुःख नहीं, बस अपने ऐतबार पर शर्मिंदा हूं

मै तुमको भूल तो जाऊं मगर छोटी सी उलझन है.. सुना है... दिल से धड़कन की जुदाई मौत होती है ..!

ये बात सच है जब किसी की ज़िन्दगी में नए लोग आ जाते है तो वो पुराने लोगो की अहमियत को भूल जाते है

लोग हमेशा गलत इंसान से धोखा खाने के बाद अच्छे इंसान से बदला लेते हैं

गजब है मेरे दिल में तेरा वजूद. मै खुद से दूर तू मुझमें मौजूद...