कितनी आसानी से छोड़ दिया तुमने बात करना जैसे सदियो से बोझ थे हम तुम्हारे उपर.

कितनी आसानी से छोड़ दिया तुमने बात करना जैसे सदियो से बोझ थे हम तुम्हारे उपर.

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झुठ बोलकर तो मैं भी दरिया पार कर जाता, मगर डूबो दिया मुझे सच बोलने की आदत ने

कल जितनी हसरत थी तुझे पाने की आज उतनी हसरत है तुझे भूल जाने की

बेशक खूबसूरत तो वो आज भी है, लेकिन चेहरे पर वो मुस्कान नहीं, जो हम लाया करते थे…!

अकेली रात .. बोलती बहुत है लेकिन सुन वही सकता है जो खुद भी अकेला हो .

जो प्यार नहीं सच्चा उसे भूल जाना ही अच्छा

दिल मेरे सीने से चुरा रहा है कोई, दूर होकर भी याद आ रहा है कोई, हे खुदा मुझे उससे एक बार मिलादे, इंतज़ार मेरे लिए कर रहा है कोई !

झुठ बोलकर तो मैं भी दरिया पार कर जाता, मगर डूबो दिया मुझे सच बोलने की आदत ने

कल जितनी हसरत थी तुझे पाने की आज उतनी हसरत है तुझे भूल जाने की

बेशक खूबसूरत तो वो आज भी है, लेकिन चेहरे पर वो मुस्कान नहीं, जो हम लाया करते थे…!

अकेली रात .. बोलती बहुत है लेकिन सुन वही सकता है जो खुद भी अकेला हो .

जो प्यार नहीं सच्चा उसे भूल जाना ही अच्छा

दिल मेरे सीने से चुरा रहा है कोई, दूर होकर भी याद आ रहा है कोई, हे खुदा मुझे उससे एक बार मिलादे, इंतज़ार मेरे लिए कर रहा है कोई !