कभी उसका दिल रखा कभी उसका दिल रखा, इस कश्मकश में भूल गए, खुद का दिल कहाँ रखा..

कभी उसका दिल रखा कभी उसका दिल रखा, इस कश्मकश में भूल गए, खुद का दिल कहाँ रखा..

Share:

More Like This

हमने भी एक ऐसे इंसान को चाहा, जिसे भूलना हमारे बस में नहीं और पाना किस्मत में नहीं.

बात ये नहीं थी, कुछ कहना था तुम्हें.. तकलीफ़ ये है, कि तुम ख़ामोश क्यूँ रहे..

ज़िंदगी रही तो हर दिन तुम्हे याद करते रहेगे, भूल गया तो समझ लेना खुदा ने हमे याद कर लिया..

सारी दुनिया के रूठ जाने से मुझे कोई दुख नहीं, बस एक तेरा खामोश रहना मुझे तकलीफ देता है

दर्द सहते सहते इंसान सिर्फ हसना नहीं रोना भी छोड़ देता है

क्या इतने दूर निकल आये हैं हम, कि तेरे ख्यालों में भी नही आते ?

हमने भी एक ऐसे इंसान को चाहा, जिसे भूलना हमारे बस में नहीं और पाना किस्मत में नहीं.

बात ये नहीं थी, कुछ कहना था तुम्हें.. तकलीफ़ ये है, कि तुम ख़ामोश क्यूँ रहे..

ज़िंदगी रही तो हर दिन तुम्हे याद करते रहेगे, भूल गया तो समझ लेना खुदा ने हमे याद कर लिया..

सारी दुनिया के रूठ जाने से मुझे कोई दुख नहीं, बस एक तेरा खामोश रहना मुझे तकलीफ देता है

दर्द सहते सहते इंसान सिर्फ हसना नहीं रोना भी छोड़ देता है

क्या इतने दूर निकल आये हैं हम, कि तेरे ख्यालों में भी नही आते ?