तुमसे गुस्सा होकर भी तुम्हे ही ढूंढा करता हूँ
उँगलियाँ निभा रही हैं रिश्ते आजकल ज़ुबाँ से निभाने का वक्त कहाँ
दिल पर लग जाती है उन्हें अक्सर हमारी बातें, जो कहते थे तुम कुछ भी बोलो बुरा नहीं लगता...
प्यार बार बार नहीं होता, और हर यार वफ़ा दर नहीं होता
रिश्ते नाते सब मतलब के यार है, बस पैसा ही सबका सच्चा प्यार है.
आंसू जता देते है "दर्द" कैसा है, "बेरूखी" बता देती है "हमदर्द" कैसा है
तुमसे गुस्सा होकर भी तुम्हे ही ढूंढा करता हूँ
उँगलियाँ निभा रही हैं रिश्ते आजकल ज़ुबाँ से निभाने का वक्त कहाँ
दिल पर लग जाती है उन्हें अक्सर हमारी बातें, जो कहते थे तुम कुछ भी बोलो बुरा नहीं लगता...
प्यार बार बार नहीं होता, और हर यार वफ़ा दर नहीं होता
रिश्ते नाते सब मतलब के यार है, बस पैसा ही सबका सच्चा प्यार है.
आंसू जता देते है "दर्द" कैसा है, "बेरूखी" बता देती है "हमदर्द" कैसा है