दिल भी एक जिद पर अड़ा है किसी बच्चे की तरह, या तो सब कुछ ही चाहिए या कुछ भी नही
इतिहास गवाह है- 'खबर' हो या 'कबर' खोदते हमेशा अपने ही हैं|
बेवजह हाल कोई नहीं पूछता आज कल, हर बात की एक वजह होती है आज कल।
देख लिया खुद को बिजी रख कर भी फिर भी याद सिर्फ तुम्हारी आती हैं.
"मेरी आँखों की नमी ना जान पाया वो शख्स, एक अरसे तक जो इन आँखों में ही रहा था...!"
चेहरे तो मिल जाएगी हमसे भी खूबसूरत, पर बात दिल की आएगी ना तो हार जाओगे.
दिल भी एक जिद पर अड़ा है किसी बच्चे की तरह, या तो सब कुछ ही चाहिए या कुछ भी नही
इतिहास गवाह है- 'खबर' हो या 'कबर' खोदते हमेशा अपने ही हैं|
बेवजह हाल कोई नहीं पूछता आज कल, हर बात की एक वजह होती है आज कल।
देख लिया खुद को बिजी रख कर भी फिर भी याद सिर्फ तुम्हारी आती हैं.
"मेरी आँखों की नमी ना जान पाया वो शख्स, एक अरसे तक जो इन आँखों में ही रहा था...!"
चेहरे तो मिल जाएगी हमसे भी खूबसूरत, पर बात दिल की आएगी ना तो हार जाओगे.