आज आयी है मेरी याद उसे ज़रूर फिर किसी ने उसे ठुकराया होगा.
मै उसके लिए चाय बनाना सीखता रहा और वो पैग बनाने वाले के साथ भाग गई
नाकाम मोहबत्त भी बड़े काम की होती है, दिल मिले ना मिले इलज़ाम जरुर मिल जाता है।।
ग़म इस बात का नहीं की आप मिल न सकेंगे, दर्द इस बात का है की हम आपको भुला न सकेंगे
जिस चाँद के हजारों हो चाहने वाले दोस्त, वो क्या समझेगा एक सितारे कि कमी को…
कल जितनी हसरत थी तुझे पाने की आज उतनी हसरत है तुझे भूल जाने की
आज आयी है मेरी याद उसे ज़रूर फिर किसी ने उसे ठुकराया होगा.
मै उसके लिए चाय बनाना सीखता रहा और वो पैग बनाने वाले के साथ भाग गई
नाकाम मोहबत्त भी बड़े काम की होती है, दिल मिले ना मिले इलज़ाम जरुर मिल जाता है।।
ग़म इस बात का नहीं की आप मिल न सकेंगे, दर्द इस बात का है की हम आपको भुला न सकेंगे
जिस चाँद के हजारों हो चाहने वाले दोस्त, वो क्या समझेगा एक सितारे कि कमी को…
कल जितनी हसरत थी तुझे पाने की आज उतनी हसरत है तुझे भूल जाने की