कई बार ऐसा भी होता है के ज़रूरत से ज़्यादा सोचना भी इंसान की खुशियां छीन लेता है।
ग़म इस बात का नहीं की आप मिल न सकेंगे, दर्द इस बात का है की हम आपको भुला न सकेंगे
दिल उसके इंतज़ार में डूबा है. जो किसी और की चाहत में डूबा है.
वो जा रहा है छोड़ कर..बताओ रास्ता दूँ या वास्ता दूँ...?
खुद से होती है जाने शिकायतें कितनी.....जिन्हें किसी से.... कोई शिकायत नहीं होती
तुम जो साथ हो तो दुनिया अपनी सी लगती है वरना सीने में सांस भी पराई लगती है
कई बार ऐसा भी होता है के ज़रूरत से ज़्यादा सोचना भी इंसान की खुशियां छीन लेता है।
ग़म इस बात का नहीं की आप मिल न सकेंगे, दर्द इस बात का है की हम आपको भुला न सकेंगे
दिल उसके इंतज़ार में डूबा है. जो किसी और की चाहत में डूबा है.
वो जा रहा है छोड़ कर..बताओ रास्ता दूँ या वास्ता दूँ...?
खुद से होती है जाने शिकायतें कितनी.....जिन्हें किसी से.... कोई शिकायत नहीं होती
तुम जो साथ हो तो दुनिया अपनी सी लगती है वरना सीने में सांस भी पराई लगती है