जब ऑंसू गिरने बंद हो जाये तोह तकलीफ गुस्सा बन क बाहर अति है

जब ऑंसू गिरने बंद हो जाये तोह तकलीफ गुस्सा बन क बाहर अति है

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ना अपने पास हूं ना तेरे साथ हूं, बहुत दिनों से मैं यूं ही उदास हूं !

गया था मै तुझसे दुर बहुत कुछ पाने के लिए ……….पर सिवाए तेरी यादो के कुछ हासिल ना हुआ !!!!

ये पतंग भी बिल्कुल तुम्हारी तरह निकली जरा सी हवा क्या लग गई हवा में उडने लगी

बुरा लगता है हर बार किसी को अपनी याद दिलाना जिन में वफ़ा होती है खुद ही याद कर लेते हैं

उँगलियाँ निभा रही हैं रिश्ते आजकल ज़ुबाँ से निभाने का वक्त कहाँ

बहुत शोक था दुसरो को खुश रखने का होश तब आया जब खुद को अकेला पाया

ना अपने पास हूं ना तेरे साथ हूं, बहुत दिनों से मैं यूं ही उदास हूं !

गया था मै तुझसे दुर बहुत कुछ पाने के लिए ……….पर सिवाए तेरी यादो के कुछ हासिल ना हुआ !!!!

ये पतंग भी बिल्कुल तुम्हारी तरह निकली जरा सी हवा क्या लग गई हवा में उडने लगी

बुरा लगता है हर बार किसी को अपनी याद दिलाना जिन में वफ़ा होती है खुद ही याद कर लेते हैं

उँगलियाँ निभा रही हैं रिश्ते आजकल ज़ुबाँ से निभाने का वक्त कहाँ

बहुत शोक था दुसरो को खुश रखने का होश तब आया जब खुद को अकेला पाया