वहां तक तो साथ चलो जहाँ तक साथ मुमकिन है, जहाँ हालात बदलेंगे वहां तुम भी बदल जाना.
तमाशा बन गयी है ज़िन्दगी कुछ कहे तो भी बुरे और कुछ न कहे तो भी बुरे
नए लोग से आज कुछ तो सीखा हे, पहले अपने जैसा बनाते हे फिर अकेला छोड़ देते है...
दर्द सहते सहते इंसान सिर्फ हसना नहीं रोना भी छोड़ देता है
रिश्ते वो होते हैं जिसमे शब्द कम और समझ ज्यादा हो......
बहुत शोक था दुसरो को खुश रखने का होश तब आया जब खुद को अकेला पाया
वहां तक तो साथ चलो जहाँ तक साथ मुमकिन है, जहाँ हालात बदलेंगे वहां तुम भी बदल जाना.
तमाशा बन गयी है ज़िन्दगी कुछ कहे तो भी बुरे और कुछ न कहे तो भी बुरे
नए लोग से आज कुछ तो सीखा हे, पहले अपने जैसा बनाते हे फिर अकेला छोड़ देते है...
दर्द सहते सहते इंसान सिर्फ हसना नहीं रोना भी छोड़ देता है
रिश्ते वो होते हैं जिसमे शब्द कम और समझ ज्यादा हो......
बहुत शोक था दुसरो को खुश रखने का होश तब आया जब खुद को अकेला पाया