खामोश हूँ तो बस तेरी ख़ुशी के लिए ये मत समझना की मेरा दिल नहीं दुखता
खुदा जाने कोनसा गुनाह कर बैठे हैं हम कि तम्मनाओं वाली उम्र में तजुर्बे मिल रहे हैं
नफरत ना करना पगली हमे बुरा लगेगा. . . बस प्यार से कह देना अब तेरी जरुरत नही है. .
कुछ तो है तुझसे मेरा रिश्ता वर्ण कोई गैर इतना भी याद नहीं आता
ये दिल भी उसी पे मरता है जो हमारी कदर नहीं करता
नाकाम मोहबत्त भी बड़े काम की होती है, दिल मिले ना मिले इलज़ाम जरुर मिल जाता है।।
खामोश हूँ तो बस तेरी ख़ुशी के लिए ये मत समझना की मेरा दिल नहीं दुखता
खुदा जाने कोनसा गुनाह कर बैठे हैं हम कि तम्मनाओं वाली उम्र में तजुर्बे मिल रहे हैं
नफरत ना करना पगली हमे बुरा लगेगा. . . बस प्यार से कह देना अब तेरी जरुरत नही है. .
कुछ तो है तुझसे मेरा रिश्ता वर्ण कोई गैर इतना भी याद नहीं आता
ये दिल भी उसी पे मरता है जो हमारी कदर नहीं करता
नाकाम मोहबत्त भी बड़े काम की होती है, दिल मिले ना मिले इलज़ाम जरुर मिल जाता है।।