बस दिल उदास है वैसे तो ठीक हूँ मैं
दुआ हैं हर किसी को कोई ऐसा मिले जो उसे कभी रोने ना दे
नए लोग से आज कुछ तो सीखा हे, पहले अपने जैसा बनाते हे फिर अकेला छोड़ देते है...
"जब हम रिश्तो के लिए वक़्त नहीं निकाल पाते तो वक़्त हमारे बीच से रिश्तो को निकाल देता है."
उसके बदलने का कोई दुःख नहीं, बस अपने ऐतबार पर शर्मिंदा हूं
"आँखों से हाल पूछा दिल का, एक बूंद टपक पड़ी लहू की..."
बस दिल उदास है वैसे तो ठीक हूँ मैं
दुआ हैं हर किसी को कोई ऐसा मिले जो उसे कभी रोने ना दे
नए लोग से आज कुछ तो सीखा हे, पहले अपने जैसा बनाते हे फिर अकेला छोड़ देते है...
"जब हम रिश्तो के लिए वक़्त नहीं निकाल पाते तो वक़्त हमारे बीच से रिश्तो को निकाल देता है."
उसके बदलने का कोई दुःख नहीं, बस अपने ऐतबार पर शर्मिंदा हूं
"आँखों से हाल पूछा दिल का, एक बूंद टपक पड़ी लहू की..."