मेरी याद क़यामत की तरह है एक दिन ज़रूर आएगी
मेरे मरने पर किसी को ज्यादा फर्क नहीं होगा, बस तन्हाई रोएगी कि मेरा हमसफ़र चला गया....
तेरी कसम सिर्फ तेरे हैं हम
गुल्लक की तरह था रिश्ता हमारा जब टूटा तब कीमत समझ में आई
जिन्हे भी मुझसे मिलने का वक़्त नहीं मिलता देख लेना एक दिन होगा जब मैं इतना दूर चला जाऊंगा की तुम्हे मुझसे मिलने का मौका भी नहीं मिलेगा।
उसकी मेरी दोस्ती थी तो कमाल की, पर नाम दे के उसने सब बर्बाद कर दिया...!!
मेरी याद क़यामत की तरह है एक दिन ज़रूर आएगी
मेरे मरने पर किसी को ज्यादा फर्क नहीं होगा, बस तन्हाई रोएगी कि मेरा हमसफ़र चला गया....
तेरी कसम सिर्फ तेरे हैं हम
गुल्लक की तरह था रिश्ता हमारा जब टूटा तब कीमत समझ में आई
जिन्हे भी मुझसे मिलने का वक़्त नहीं मिलता देख लेना एक दिन होगा जब मैं इतना दूर चला जाऊंगा की तुम्हे मुझसे मिलने का मौका भी नहीं मिलेगा।
उसकी मेरी दोस्ती थी तो कमाल की, पर नाम दे के उसने सब बर्बाद कर दिया...!!