उसने कहा भूल जाओ मुझे, हमने कह दिया, कौन हो तुम ?
झुठ बोलकर तो मैं भी दरिया पार कर जाता, मगर डूबो दिया मुझे सच बोलने की आदत ने
क्या इतने दूर निकल आये हैं हम, कि तेरे ख्यालों में भी नही आते ?
कोई नही आऐगा मेरी जिदंगी मे तुम्हारे सिवा, एक मौत ही है जिसका मैं वादा नही करता…….. ।।
जो मेरे बुरे वक्त में मेरे साथ है मे उन्हें वादा करती हूँ मेरा अच्छा वक्त सिर्फ उनके लिए होगा
बेवजह हाल कोई नहीं पूछता आज कल, हर बात की एक वजह होती है आज कल।
उसने कहा भूल जाओ मुझे, हमने कह दिया, कौन हो तुम ?
झुठ बोलकर तो मैं भी दरिया पार कर जाता, मगर डूबो दिया मुझे सच बोलने की आदत ने
क्या इतने दूर निकल आये हैं हम, कि तेरे ख्यालों में भी नही आते ?
कोई नही आऐगा मेरी जिदंगी मे तुम्हारे सिवा, एक मौत ही है जिसका मैं वादा नही करता…….. ।।
जो मेरे बुरे वक्त में मेरे साथ है मे उन्हें वादा करती हूँ मेरा अच्छा वक्त सिर्फ उनके लिए होगा
बेवजह हाल कोई नहीं पूछता आज कल, हर बात की एक वजह होती है आज कल।