एक फ़क़ीर ने कहा था चिंता ना कर वो भी रोएगा जो आज तुझे रुला रहा है
नमक की तरह हो गयी है जिंदगी, लोग स्वादानुसार इस्तेमाल कर लेते हैं
सुना है आज उस की आँखों मे आसु आ गये, वो बच्चो को सिखा रही थी की मोहब्बत ऐसे लिखते है
नफरत मत करना हमसे, हमे बुरा लगेगा, बस प्यार से कह देना, अब तेरी जरूरत नहीं हैं .
इतिहास गवाह है- 'खबर' हो या 'कबर' खोदते हमेशा अपने ही हैं|
उसे गजब का शौंक है हरियाली का, रोज आकर जख्मों को हरा कर जाती है
एक फ़क़ीर ने कहा था चिंता ना कर वो भी रोएगा जो आज तुझे रुला रहा है
नमक की तरह हो गयी है जिंदगी, लोग स्वादानुसार इस्तेमाल कर लेते हैं
सुना है आज उस की आँखों मे आसु आ गये, वो बच्चो को सिखा रही थी की मोहब्बत ऐसे लिखते है
नफरत मत करना हमसे, हमे बुरा लगेगा, बस प्यार से कह देना, अब तेरी जरूरत नहीं हैं .
इतिहास गवाह है- 'खबर' हो या 'कबर' खोदते हमेशा अपने ही हैं|
उसे गजब का शौंक है हरियाली का, रोज आकर जख्मों को हरा कर जाती है