कोई तो होगा टूटा हुआ मेरी तरह ही जो, जुड़ने की ख्वाहिश लिए जी रहा होगा अकेला कही.याद वो नहीं जो अकेले में आये, याद वो है जो महफिल में आये और अकेला कर जाए ||
क्या इतने दूर निकल आये हैं हम, कि तेरे ख्यालों में भी नही आते ?
ज़िंदगी रही तो हर दिन तुम्हे याद करते रहेगे, भूल गया तो समझ लेना खुदा ने हमे याद कर लिया..
आज कितने दिनो बाद हुई यह बरसात याद दिलाती यह आपकी हर बात......
सिर्फ एक बहाने की तलाश होती है निभाने वाले को भी, और जाने वाले को भी
गया था मै तुझसे दुर बहुत कुछ पाने के लिए ……….पर सिवाए तेरी यादो के कुछ हासिल ना हुआ !!!!
कोई तो होगा टूटा हुआ मेरी तरह ही जो, जुड़ने की ख्वाहिश लिए जी रहा होगा अकेला कही.याद वो नहीं जो अकेले में आये, याद वो है जो महफिल में आये और अकेला कर जाए ||
क्या इतने दूर निकल आये हैं हम, कि तेरे ख्यालों में भी नही आते ?
ज़िंदगी रही तो हर दिन तुम्हे याद करते रहेगे, भूल गया तो समझ लेना खुदा ने हमे याद कर लिया..
आज कितने दिनो बाद हुई यह बरसात याद दिलाती यह आपकी हर बात......
सिर्फ एक बहाने की तलाश होती है निभाने वाले को भी, और जाने वाले को भी
गया था मै तुझसे दुर बहुत कुछ पाने के लिए ……….पर सिवाए तेरी यादो के कुछ हासिल ना हुआ !!!!