इतिहास गवाह है- 'खबर' हो या 'कबर' खोदते हमेशा अपने ही हैं|
बेवजा बेवफाओ को याद किये हैं, गलत लोगों पे बहुत वक़्त बरदाद किये हैं.
बेवजह हाल कोई नहीं पूछता आज कल, हर बात की एक वजह होती है आज कल।
तेरी नाराज़गी वाजिब है दोस्त.. मैं भी खुद से खुश नहीं हूं आजकल...
मत कर मोहबत तेरे बस की बात नही जो दर्द मेरे पास है, उस दर्द की दवा तेरे पास नही.
दिल की बात तो हर कोई करता है लेकिन मरते सब चेहरों पर ही हैं
इतिहास गवाह है- 'खबर' हो या 'कबर' खोदते हमेशा अपने ही हैं|
बेवजा बेवफाओ को याद किये हैं, गलत लोगों पे बहुत वक़्त बरदाद किये हैं.
बेवजह हाल कोई नहीं पूछता आज कल, हर बात की एक वजह होती है आज कल।
तेरी नाराज़गी वाजिब है दोस्त.. मैं भी खुद से खुश नहीं हूं आजकल...
मत कर मोहबत तेरे बस की बात नही जो दर्द मेरे पास है, उस दर्द की दवा तेरे पास नही.
दिल की बात तो हर कोई करता है लेकिन मरते सब चेहरों पर ही हैं