तुम जो साथ हो तो दुनिया अपनी सी लगती है वरना सीने में सांस भी पराई लगती है
अब अगर रूठे तो रूठे रहना मैं मनाने वाला हुनर भूल चुकी हूं
कभी कभी हम गलत नहीं होते, बस वो शब्द ही नहीं होते जो हमें सही साबित कर सके
क़दर करना सीख लो कहीं कोई थक ही न जाये तुम्हें एहसास दिलाते दिलाते
किसी को क्या बताये की कितने मजबूर है हम.. चाहा था सिर्फ एक तुमको और अब तुम से ही दूर है हम।
सब अपने से लगते है, लेकिन सिर्फ बातों से ..!
तुम जो साथ हो तो दुनिया अपनी सी लगती है वरना सीने में सांस भी पराई लगती है
अब अगर रूठे तो रूठे रहना मैं मनाने वाला हुनर भूल चुकी हूं
कभी कभी हम गलत नहीं होते, बस वो शब्द ही नहीं होते जो हमें सही साबित कर सके
क़दर करना सीख लो कहीं कोई थक ही न जाये तुम्हें एहसास दिलाते दिलाते
किसी को क्या बताये की कितने मजबूर है हम.. चाहा था सिर्फ एक तुमको और अब तुम से ही दूर है हम।
सब अपने से लगते है, लेकिन सिर्फ बातों से ..!