किसी के बुरे प्रभाव से खुद को छिपाए रखना क्योंकि तुझे मंजिल के सफर में कायम है रहना इससे पहले कि कुछ गलत हो जाए, खुद को धोखे के जहर से बचाए रखना!!
लोग हमेशा गलत इंसान से धोखा खाने के बाद अच्छे इंसान से बदला लेते हैं
कुछ तो है तुझसे मेरा रिश्ता वर्ण कोई गैर इतना भी याद नहीं आता
नाकाम मोहबत्त भी बड़े काम की होती है, दिल मिले ना मिले इलज़ाम जरुर मिल जाता है।।
बस दिल उदास है वैसे तो ठीक हूँ मैं
पहले चुभा बहुत अब आदत सी हैं, ये दर्द पहले था अब इबादत सी हैं |
किसी के बुरे प्रभाव से खुद को छिपाए रखना क्योंकि तुझे मंजिल के सफर में कायम है रहना इससे पहले कि कुछ गलत हो जाए, खुद को धोखे के जहर से बचाए रखना!!
लोग हमेशा गलत इंसान से धोखा खाने के बाद अच्छे इंसान से बदला लेते हैं
कुछ तो है तुझसे मेरा रिश्ता वर्ण कोई गैर इतना भी याद नहीं आता
नाकाम मोहबत्त भी बड़े काम की होती है, दिल मिले ना मिले इलज़ाम जरुर मिल जाता है।।
बस दिल उदास है वैसे तो ठीक हूँ मैं
पहले चुभा बहुत अब आदत सी हैं, ये दर्द पहले था अब इबादत सी हैं |