कुछ पल के लिए मुझे अपनी बाँहों में सुला दे अगर आँख खुली तो उठा देना और अगर न खुली तो दफना देना
जी भर गया है तो बता दो हमें इनकार पसंद है इंतजार नहीं…!
कोई अपना सा क्या लगा एक बार, किस्मत ने तो बुरा ही मान लिया
मेरे मरने पर किसी को ज्यादा फर्क नहीं होगा, बस तन्हाई रोएगी कि मेरा हमसफ़र चला गया....
सिर्फ एक बहाने की तलाश होती है निभाने वाले को भी, और जाने वाले को भी
एहसासों की नमी बेहद जरुरी है हर रिश्ते में ,,रेत भी सूखी हो तो हाथों से फिसल जाती है !!
कुछ पल के लिए मुझे अपनी बाँहों में सुला दे अगर आँख खुली तो उठा देना और अगर न खुली तो दफना देना
जी भर गया है तो बता दो हमें इनकार पसंद है इंतजार नहीं…!
कोई अपना सा क्या लगा एक बार, किस्मत ने तो बुरा ही मान लिया
मेरे मरने पर किसी को ज्यादा फर्क नहीं होगा, बस तन्हाई रोएगी कि मेरा हमसफ़र चला गया....
सिर्फ एक बहाने की तलाश होती है निभाने वाले को भी, और जाने वाले को भी
एहसासों की नमी बेहद जरुरी है हर रिश्ते में ,,रेत भी सूखी हो तो हाथों से फिसल जाती है !!