बुरा हमें भी लगता है बस तुम्हे एहसास नहीं होने देते
मुझमें ही हौसला नहीं वरना .. छत का पंखा पुकारता है मुझे....
रोता देखकर वो ये कह के चल दिए कि, रोता तो हर कोई है क्या हम सब के हो जाएँ
कभी कभी हम किसी के लिए उतना जरूरी भी नहीं होते जितना हम सोच लेते है .
कोई अपना सा क्या लगा एक बार, किस्मत ने तो बुरा ही मान लिया
लाख कसमे देदो किसी को मगर छोड़ने वाले छोड़ ही जाते है `
बुरा हमें भी लगता है बस तुम्हे एहसास नहीं होने देते
मुझमें ही हौसला नहीं वरना .. छत का पंखा पुकारता है मुझे....
रोता देखकर वो ये कह के चल दिए कि, रोता तो हर कोई है क्या हम सब के हो जाएँ
कभी कभी हम किसी के लिए उतना जरूरी भी नहीं होते जितना हम सोच लेते है .
कोई अपना सा क्या लगा एक बार, किस्मत ने तो बुरा ही मान लिया
लाख कसमे देदो किसी को मगर छोड़ने वाले छोड़ ही जाते है `