जब दो लोगो के बीच में तीसरा इंसान आ जाता है तो दूरियां अपने आप बढ़ जाती है
हजारो मे मुझे सिर्फ एक वो सख्स चाहिए जो मेरी गैर मौजूदगी मे मेरी बुराई न सुन सके
मेरे मरने पर तो रोने वाले बहुत हैं तलाश उसकी है जो मेरे रोने से मर जाए
जरुरत से ज्यादा उम्मीद भी रिश्ते टुटने की वजह बन जाती है......
आज कितने दिनो बाद हुई यह बरसात याद दिलाती यह आपकी हर बात......
खुद पर भरोसा करना सिख़लो सहारा चाहे कितना ही सच्चा हो एक ना एक दिन साथ छोड़ ही देता हैं
जब दो लोगो के बीच में तीसरा इंसान आ जाता है तो दूरियां अपने आप बढ़ जाती है
हजारो मे मुझे सिर्फ एक वो सख्स चाहिए जो मेरी गैर मौजूदगी मे मेरी बुराई न सुन सके
मेरे मरने पर तो रोने वाले बहुत हैं तलाश उसकी है जो मेरे रोने से मर जाए
जरुरत से ज्यादा उम्मीद भी रिश्ते टुटने की वजह बन जाती है......
आज कितने दिनो बाद हुई यह बरसात याद दिलाती यह आपकी हर बात......
खुद पर भरोसा करना सिख़लो सहारा चाहे कितना ही सच्चा हो एक ना एक दिन साथ छोड़ ही देता हैं