चलो खामोशियों की गिरफत में चलते हैं, बातें ज़्यादा हुई तो जज़्बात खुल जाएंगे
सबका दिल रखने में, अक्सर मेरा दिल टूट जाता है.
रुलाती है मगर रोने का नहीं.
मुझको धुंड लेता है रोज किसी बहानोंसे दर्द हो गया है वाक़िफ़ मेरे ठीकानोंसे
नाकाम मोहबत्त भी बड़े काम की होती है, दिल मिले ना मिले इलज़ाम जरुर मिल जाता है।।
उस हस्ती तस्वीर को क्या मालूम, उसे देखकर कितना रोया जाता है
चलो खामोशियों की गिरफत में चलते हैं, बातें ज़्यादा हुई तो जज़्बात खुल जाएंगे
सबका दिल रखने में, अक्सर मेरा दिल टूट जाता है.
रुलाती है मगर रोने का नहीं.
मुझको धुंड लेता है रोज किसी बहानोंसे दर्द हो गया है वाक़िफ़ मेरे ठीकानोंसे
नाकाम मोहबत्त भी बड़े काम की होती है, दिल मिले ना मिले इलज़ाम जरुर मिल जाता है।।
उस हस्ती तस्वीर को क्या मालूम, उसे देखकर कितना रोया जाता है