ये दिल भी उसी पे मरता है जो हमारी कदर नहीं करता
कौन करता है यहाँ प्यार निभाने के लिये, दिल तो बस एक खिलौना है जमाने के लिये
मत किया कर ऐ दिल किसी से इतनी मोहब्बत, जो लोग बात नहीं करते वो प्यार क्या करेंगे
कुछ तो है तुझसे मेरा रिश्ता वर्ण कोई गैर इतना भी याद नहीं आता
मेरे दिल से खेल तो रहे हो तुम पर...... जरा सम्भल के...... ये थोडा टूटा हुआ है कहीं तुम्हे ही लग ना जाए
दिल को कागज समझ रखा है क्या.. आते हो, जलाते हो, चले जाते हो
ये दिल भी उसी पे मरता है जो हमारी कदर नहीं करता
कौन करता है यहाँ प्यार निभाने के लिये, दिल तो बस एक खिलौना है जमाने के लिये
मत किया कर ऐ दिल किसी से इतनी मोहब्बत, जो लोग बात नहीं करते वो प्यार क्या करेंगे
कुछ तो है तुझसे मेरा रिश्ता वर्ण कोई गैर इतना भी याद नहीं आता
मेरे दिल से खेल तो रहे हो तुम पर...... जरा सम्भल के...... ये थोडा टूटा हुआ है कहीं तुम्हे ही लग ना जाए
दिल को कागज समझ रखा है क्या.. आते हो, जलाते हो, चले जाते हो