आंसू जता देते है "दर्द" कैसा है, "बेरूखी" बता देती है "हमदर्द" कैसा है
बेवजह हाल कोई नहीं पूछता आज कल, हर बात की एक वजह होती है आज कल।
सारी दुनिया के रूठ जाने से मुझे कोई दुख नहीं, बस एक तेरा खामोश रहना मुझे तकलीफ देता है
अब डर सा लगने लगा है मुझे उस हर शख्स से जो कहता है मैं तुम्हे अकेला नहीं छोड़ूंगा
उसे गजब का शौंक है हरियाली का, रोज आकर जख्मों को हरा कर जाती है
ज़िन्दगी चैन से गुज़र जाए , तू अगर ज़हन से उतर जाए
आंसू जता देते है "दर्द" कैसा है, "बेरूखी" बता देती है "हमदर्द" कैसा है
बेवजह हाल कोई नहीं पूछता आज कल, हर बात की एक वजह होती है आज कल।
सारी दुनिया के रूठ जाने से मुझे कोई दुख नहीं, बस एक तेरा खामोश रहना मुझे तकलीफ देता है
अब डर सा लगने लगा है मुझे उस हर शख्स से जो कहता है मैं तुम्हे अकेला नहीं छोड़ूंगा
उसे गजब का शौंक है हरियाली का, रोज आकर जख्मों को हरा कर जाती है
ज़िन्दगी चैन से गुज़र जाए , तू अगर ज़हन से उतर जाए