अजीब तरह से गुजर रही है ज़िंदगी .. सोचा कुछ, किया कुछ हुआ कुछ, मिला कुछ ..

अजीब तरह से गुजर रही है ज़िंदगी .. सोचा कुछ, किया कुछ हुआ कुछ, मिला कुछ ..

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दिल की बात तो हर कोई करता है लेकिन मरते सब चेहरों पर ही हैं

मेरी हर आह को वाह मिली है यहाँ..... कौन कहता है दर्द बिकता नहीं है

पास आकर सभी दूर चले जाते हैं, हम अकेले थे अकेले ही रह जाते हैं, दिल का दर्द किसे दिखाएं, मरहम लगाने वाले ही जख्म दे जाते हैं |

मेरे ग़म को कोई नहीं समझ सका क्यों के मुझे आदत थी मुस्कराने की

खुद पर भरोसा करना सिख़लो सहारा चाहे कितना ही सच्चा हो एक ना एक दिन साथ छोड़ ही देता हैं

हद है यार.. प्यार भी हम ही करे, निभाए भी हम ही और छोड़ कर वो चला जाए तो रोये भी हम ही..

दिल की बात तो हर कोई करता है लेकिन मरते सब चेहरों पर ही हैं

मेरी हर आह को वाह मिली है यहाँ..... कौन कहता है दर्द बिकता नहीं है

पास आकर सभी दूर चले जाते हैं, हम अकेले थे अकेले ही रह जाते हैं, दिल का दर्द किसे दिखाएं, मरहम लगाने वाले ही जख्म दे जाते हैं |

मेरे ग़म को कोई नहीं समझ सका क्यों के मुझे आदत थी मुस्कराने की

खुद पर भरोसा करना सिख़लो सहारा चाहे कितना ही सच्चा हो एक ना एक दिन साथ छोड़ ही देता हैं

हद है यार.. प्यार भी हम ही करे, निभाए भी हम ही और छोड़ कर वो चला जाए तो रोये भी हम ही..