ये मोहब्बत के हादसे दिलो को तोड़ देते है, तुम मज़िल की बात करते हो लोग राहों मे छोड़ देते है
कोई भी सफर कभी खत्म नही होता या तो रास्ता बदल जाता है या फिर वास्ता ख़त्म हो जाता है
बहुत शोक था दुसरो को खुश रखने का होश तब आया जब खुद को अकेला पाया
मैंने दोस्ती माँगी थी वो इश्क़ देकर बर्बाद कर गया
बात ये नहीं थी, कुछ कहना था तुम्हें.. तकलीफ़ ये है, कि तुम ख़ामोश क्यूँ रहे..
ज़िन्दगी चैन से गुज़र जाए , तू अगर ज़हन से उतर जाए
ये मोहब्बत के हादसे दिलो को तोड़ देते है, तुम मज़िल की बात करते हो लोग राहों मे छोड़ देते है
कोई भी सफर कभी खत्म नही होता या तो रास्ता बदल जाता है या फिर वास्ता ख़त्म हो जाता है
बहुत शोक था दुसरो को खुश रखने का होश तब आया जब खुद को अकेला पाया
मैंने दोस्ती माँगी थी वो इश्क़ देकर बर्बाद कर गया
बात ये नहीं थी, कुछ कहना था तुम्हें.. तकलीफ़ ये है, कि तुम ख़ामोश क्यूँ रहे..
ज़िन्दगी चैन से गुज़र जाए , तू अगर ज़हन से उतर जाए