जिस रात की कभी कोई सुबह नही होती हर रात उस रात का इंतेज़ार रहता है.......

जिस रात की कभी कोई सुबह नही होती हर रात उस रात का इंतेज़ार रहता है.......

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ग़म इस बात का नहीं की आप मिल न सकेंगे, दर्द इस बात का है की हम आपको भुला न सकेंगे

मै उसके लिए चाय बनाना सीखता रहा और वो पैग बनाने वाले के साथ भाग गई

तेरी कसम सिर्फ तेरे हैं हम

एक दिन हम सब एक दूसरे को सिर्फ यह सोचकर खो देगे की वो मुझे याद नहीं करता तो मे क्यों करू .

"आँखों से हाल पूछा दिल का, एक बूंद टपक पड़ी लहू की..."

अब अगर रूठे तो रूठे रहना मैं मनाने वाला हुनर भूल चुकी हूं

ग़म इस बात का नहीं की आप मिल न सकेंगे, दर्द इस बात का है की हम आपको भुला न सकेंगे

मै उसके लिए चाय बनाना सीखता रहा और वो पैग बनाने वाले के साथ भाग गई

तेरी कसम सिर्फ तेरे हैं हम

एक दिन हम सब एक दूसरे को सिर्फ यह सोचकर खो देगे की वो मुझे याद नहीं करता तो मे क्यों करू .

"आँखों से हाल पूछा दिल का, एक बूंद टपक पड़ी लहू की..."

अब अगर रूठे तो रूठे रहना मैं मनाने वाला हुनर भूल चुकी हूं