जिस रात की कभी कोई सुबह नही होती हर रात उस रात का इंतेज़ार रहता है.......

जिस रात की कभी कोई सुबह नही होती हर रात उस रात का इंतेज़ार रहता है.......

Share:

More Like This

क्या इतने दूर निकल आये हैं हम, कि तेरे ख्यालों में भी नही आते ?

वो दूर होकर भी पास हैं हमारी नहीं है फिर भी ख़ास है

खुद से होती है जाने शिकायतें कितनी.....जिन्हें किसी से.... कोई शिकायत नहीं होती

वो लोग क्यों मिलते ही दिल में उतर जाते है, जिन लोगो से किस्मत के सितारे नहीं मिलते

दर्द सहने की कुछ यु आदत सी हो गई है.... की अब दर्द न मिले तो दर्द सा होता है

तेरी नाराज़गी वाजिब है दोस्त.. मैं भी खुद से खुश नहीं हूं आजकल...

क्या इतने दूर निकल आये हैं हम, कि तेरे ख्यालों में भी नही आते ?

वो दूर होकर भी पास हैं हमारी नहीं है फिर भी ख़ास है

खुद से होती है जाने शिकायतें कितनी.....जिन्हें किसी से.... कोई शिकायत नहीं होती

वो लोग क्यों मिलते ही दिल में उतर जाते है, जिन लोगो से किस्मत के सितारे नहीं मिलते

दर्द सहने की कुछ यु आदत सी हो गई है.... की अब दर्द न मिले तो दर्द सा होता है

तेरी नाराज़गी वाजिब है दोस्त.. मैं भी खुद से खुश नहीं हूं आजकल...