कुछ पल निकाल लिया करो मेरे लिए भी, दिल बहुत उदास रहता है जब तुमसे बात नहीं होती
जब लोगों के दिल भर जाते हैं..... तो दूर जाने के बहाने अपने आप मिल जाते हैं.....!
जान तक देने की बात करते हैं यह लोग सच कहु तो दिल से दुआ भी नहीं करते
तमाशा बन गयी है ज़िन्दगी कुछ कहे तो भी बुरे और कुछ न कहे तो भी बुरे
रोते हैं वो लोग जो मोहब्बत को दिल से निभाते हैं धोखा देने वाले तो दिल तोड़ कर अक्सर चैन से सो जाते हैं
उदास कर देती है.. हर रोज ये शाम..ऐसा लगता है जैसे भूल रहा है कोई.. धीरे- धीरे..
कुछ पल निकाल लिया करो मेरे लिए भी, दिल बहुत उदास रहता है जब तुमसे बात नहीं होती
जब लोगों के दिल भर जाते हैं..... तो दूर जाने के बहाने अपने आप मिल जाते हैं.....!
जान तक देने की बात करते हैं यह लोग सच कहु तो दिल से दुआ भी नहीं करते
तमाशा बन गयी है ज़िन्दगी कुछ कहे तो भी बुरे और कुछ न कहे तो भी बुरे
रोते हैं वो लोग जो मोहब्बत को दिल से निभाते हैं धोखा देने वाले तो दिल तोड़ कर अक्सर चैन से सो जाते हैं
उदास कर देती है.. हर रोज ये शाम..ऐसा लगता है जैसे भूल रहा है कोई.. धीरे- धीरे..