मेरी हर आह को वाह मिली है यहाँ..... कौन कहता है दर्द बिकता नहीं है
दर्द सहते सहते इंसान सिर्फ हसना नहीं रोना भी छोड़ देता है
जरा देखो तो, ये दरवाजे पर दस्तक किसने दी है! 'इश्क' हो तो कहना, अब दिल यहाँ नहीं रहता…
हद से बढ़ जाये ताल्लुक तो ग़म मिलते हैं| हम इसी वास्ते हर सख्स से कम मिलते हैं|
कहते है प्यार में लोग जान तक दे देते है, पर जो किसी को टाइम नहीं दे सकता वो जान क्या देगा.
तुमसे गुस्सा होकर भी तुम्हे ही ढूंढा करता हूँ
मेरी हर आह को वाह मिली है यहाँ..... कौन कहता है दर्द बिकता नहीं है
दर्द सहते सहते इंसान सिर्फ हसना नहीं रोना भी छोड़ देता है
जरा देखो तो, ये दरवाजे पर दस्तक किसने दी है! 'इश्क' हो तो कहना, अब दिल यहाँ नहीं रहता…
हद से बढ़ जाये ताल्लुक तो ग़म मिलते हैं| हम इसी वास्ते हर सख्स से कम मिलते हैं|
कहते है प्यार में लोग जान तक दे देते है, पर जो किसी को टाइम नहीं दे सकता वो जान क्या देगा.
तुमसे गुस्सा होकर भी तुम्हे ही ढूंढा करता हूँ