हजारो मे मुझे सिर्फ एक वो सख्स चाहिए जो मेरी गैर मौजूदगी मे मेरी बुराई न सुन सके

हजारो मे मुझे सिर्फ एक वो सख्स चाहिए जो मेरी गैर मौजूदगी मे मेरी बुराई न सुन सके

Share:

More Like This

हद से बढ़ जाये तालुक तो गम मिलते हैं.. हम इसी वास्ते अब हर शख्स से कम मिलते हँ..

नसीहत अच्छी देती है दुनिया अगर दर्द किसी ग़ैर का हो

एक खेल रत्न उसको भी दे दो, बड़ा अच्छा खेलती है वो दिल से

जहर में उतना जहर नहीं होगा, जितना जहर कुछ लोग दूसरों के लिए अपने अंदर रखते है

तुम बदले तो हम भी कहां पुराने से रहे, तुम आने से रहे तो हम भी बुलाने से रहे.

दिल की बात तो हर कोई करता है लेकिन मरते सब चेहरों पर ही हैं

हद से बढ़ जाये तालुक तो गम मिलते हैं.. हम इसी वास्ते अब हर शख्स से कम मिलते हँ..

नसीहत अच्छी देती है दुनिया अगर दर्द किसी ग़ैर का हो

एक खेल रत्न उसको भी दे दो, बड़ा अच्छा खेलती है वो दिल से

जहर में उतना जहर नहीं होगा, जितना जहर कुछ लोग दूसरों के लिए अपने अंदर रखते है

तुम बदले तो हम भी कहां पुराने से रहे, तुम आने से रहे तो हम भी बुलाने से रहे.

दिल की बात तो हर कोई करता है लेकिन मरते सब चेहरों पर ही हैं