हजारो मे मुझे सिर्फ एक वो सख्स चाहिए जो मेरी गैर मौजूदगी मे मेरी बुराई न सुन सके

हजारो मे मुझे सिर्फ एक वो सख्स चाहिए जो मेरी गैर मौजूदगी मे मेरी बुराई न सुन सके

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सब समेट कर बढ़ते रहना ..नदियों तुमसे सीख न पाया !

तू वही हैना जिसने पहले फसाया फिर हसाया और फिर अपना बनाकर खूब रुलाया

पुछा किसी ने की याद आती है उसकी में मुस्कुराया और बोला तभी तो ज़िंदा हूँ

बेवजह हाल कोई नहीं पूछता आज कल, हर बात की एक वजह होती है आज कल।

चेहरा तो मिल जाएगा हम से भी खूबसूरत पर बात दिल की आएगी ना हार जाओगे

सिर्फ एक बहाने की तलाश होती है निभाने वाले को भी, और जाने वाले को भी

सब समेट कर बढ़ते रहना ..नदियों तुमसे सीख न पाया !

तू वही हैना जिसने पहले फसाया फिर हसाया और फिर अपना बनाकर खूब रुलाया

पुछा किसी ने की याद आती है उसकी में मुस्कुराया और बोला तभी तो ज़िंदा हूँ

बेवजह हाल कोई नहीं पूछता आज कल, हर बात की एक वजह होती है आज कल।

चेहरा तो मिल जाएगा हम से भी खूबसूरत पर बात दिल की आएगी ना हार जाओगे

सिर्फ एक बहाने की तलाश होती है निभाने वाले को भी, और जाने वाले को भी