"तुने तो कहा था, हर शाम गुज़रेगी तेरे साथ। तू बदल गई, या तेरे शहर मेँ शाम नहीँ होती।"
दिल भी एक जिद पर अड़ा है किसी बच्चे की तरह, या तो सब कुछ ही चाहिए या कुछ भी नही
कौन करता है यहाँ प्यार निभाने के लिये, दिल तो बस एक खिलौना है जमाने के लिये
लिखूं तो कुछ ऐसा जिसे पढ़ वह रोए भी ना और रात भर सोए भी ना
हजारो मेहफिल है .. लाखो मेले है, पर जहा तुम नहीं वहा हम अकेले है
मै उसके लिए चाय बनाना सीखता रहा और वो पैग बनाने वाले के साथ भाग गई
"तुने तो कहा था, हर शाम गुज़रेगी तेरे साथ। तू बदल गई, या तेरे शहर मेँ शाम नहीँ होती।"
दिल भी एक जिद पर अड़ा है किसी बच्चे की तरह, या तो सब कुछ ही चाहिए या कुछ भी नही
कौन करता है यहाँ प्यार निभाने के लिये, दिल तो बस एक खिलौना है जमाने के लिये
लिखूं तो कुछ ऐसा जिसे पढ़ वह रोए भी ना और रात भर सोए भी ना
हजारो मेहफिल है .. लाखो मेले है, पर जहा तुम नहीं वहा हम अकेले है
मै उसके लिए चाय बनाना सीखता रहा और वो पैग बनाने वाले के साथ भाग गई