एक फ़क़ीर ने कहा था चिंता ना कर वो भी रोएगा जो आज तुझे रुला रहा है

एक फ़क़ीर ने कहा था चिंता ना कर वो भी रोएगा जो आज तुझे रुला रहा है

Share:

More Like This

कभी कभी हम किसी के लिए उतना जरूरी भी नहीं होते जितना हम सोच लेते है .

थम के रह जाती है ज़िंदगी जब जम के बरसती है पुरानी यादें

ये मोहब्बत के हादसे दिलो को तोड़ देते है, तुम मज़िल की बात करते हो लोग राहों मे छोड़ देते है

कुछ अलग सा है अपनी मौहबत का हाल... तेरी चुपी और मेरा सवाल ....!!!!

क्या फायदा अनलिमिटेड कॉलिंग और डाटा का जब कोई ढंग से बात करने वाला ही न हो

ग़म इस बात का नहीं की आप मिल न सकेंगे, दर्द इस बात का है की हम आपको भुला न सकेंगे

कभी कभी हम किसी के लिए उतना जरूरी भी नहीं होते जितना हम सोच लेते है .

थम के रह जाती है ज़िंदगी जब जम के बरसती है पुरानी यादें

ये मोहब्बत के हादसे दिलो को तोड़ देते है, तुम मज़िल की बात करते हो लोग राहों मे छोड़ देते है

कुछ अलग सा है अपनी मौहबत का हाल... तेरी चुपी और मेरा सवाल ....!!!!

क्या फायदा अनलिमिटेड कॉलिंग और डाटा का जब कोई ढंग से बात करने वाला ही न हो

ग़म इस बात का नहीं की आप मिल न सकेंगे, दर्द इस बात का है की हम आपको भुला न सकेंगे