एक फ़क़ीर ने कहा था चिंता ना कर वो भी रोएगा जो आज तुझे रुला रहा है

एक फ़क़ीर ने कहा था चिंता ना कर वो भी रोएगा जो आज तुझे रुला रहा है

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“वो रोए तो बहुत, पर मुझसे मूह मोड़ कर रोए, कोई मजबूरी होगी तो दिल तोड़ कर रोए

क़ोई ज़ुदा हो तो ऐसे ना हो, कि लौटने का भ्रम रह जाये

उसे गजब का शौंक है हरियाली का, रोज आकर जख्मों को हरा कर जाती है

जब लोग बदल सकते हैं तो किस्मत क्या चीज है | |

हद है यार.. प्यार भी हम ही करे, निभाए भी हम ही और छोड़ कर वो चला जाए तो रोये भी हम ही..

तुमसे अच्छे मेरे दुश्मन निकले... हर बात पे कहते है 'तुझे नहीं छोड़ेगे'

“वो रोए तो बहुत, पर मुझसे मूह मोड़ कर रोए, कोई मजबूरी होगी तो दिल तोड़ कर रोए

क़ोई ज़ुदा हो तो ऐसे ना हो, कि लौटने का भ्रम रह जाये

उसे गजब का शौंक है हरियाली का, रोज आकर जख्मों को हरा कर जाती है

जब लोग बदल सकते हैं तो किस्मत क्या चीज है | |

हद है यार.. प्यार भी हम ही करे, निभाए भी हम ही और छोड़ कर वो चला जाए तो रोये भी हम ही..

तुमसे अच्छे मेरे दुश्मन निकले... हर बात पे कहते है 'तुझे नहीं छोड़ेगे'