दिल मेरे सीने से चुरा रहा है कोई, दूर होकर भी याद आ रहा है कोई, हे खुदा मुझे उससे एक बार मिलादे, इंतज़ार मेरे लिए कर रहा है कोई !
होने वाले ख़ुद ही अपने हो जाते हैं.. किसी को कहकर, अपना बनाया नही जाता..!!
एक थी समझने वाली मुझे ... अब वो भी समझदार हो गयी है
एक उम्र बीत जाती है किसी को अपना बनाने में और एक पल काफी होता है किसी अपने को गवाने में
काटे तो नसीब में आने ही थे.. फूल जो गुलाब चुना था हमने..
मायने खो देते हैं वो जवाब, जो वक्त पर नहीं मिलते !!
दिल मेरे सीने से चुरा रहा है कोई, दूर होकर भी याद आ रहा है कोई, हे खुदा मुझे उससे एक बार मिलादे, इंतज़ार मेरे लिए कर रहा है कोई !
होने वाले ख़ुद ही अपने हो जाते हैं.. किसी को कहकर, अपना बनाया नही जाता..!!
एक थी समझने वाली मुझे ... अब वो भी समझदार हो गयी है
एक उम्र बीत जाती है किसी को अपना बनाने में और एक पल काफी होता है किसी अपने को गवाने में
काटे तो नसीब में आने ही थे.. फूल जो गुलाब चुना था हमने..
मायने खो देते हैं वो जवाब, जो वक्त पर नहीं मिलते !!