तुमसे दिल लगा कर देख लिया अब और क्या देखने को बाक़ी है |

तुमसे दिल लगा कर देख लिया अब और क्या देखने को बाक़ी है |

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कुछ तो है तुझसे मेरा रिश्ता वर्ण कोई गैर इतना भी याद नहीं आता

सब अपने से लगते है, लेकिन सिर्फ बातों से ..!

मै इस काबिल तो नहीं कि कोई अपने समझे, पर इतना यकीन है कोई अफसोस जरूर करेगा मुझे खो देने के बाद

उदास कर देती है.. हर रोज ये शाम..ऐसा लगता है जैसे भूल रहा है कोई.. धीरे- धीरे..

ये दिल भी उसी पे मरता है जो हमारी कदर नहीं करता

सिलसिला आज भी वही जारी है, तेरी याद, मेरी नींदों पर भारी है

कुछ तो है तुझसे मेरा रिश्ता वर्ण कोई गैर इतना भी याद नहीं आता

सब अपने से लगते है, लेकिन सिर्फ बातों से ..!

मै इस काबिल तो नहीं कि कोई अपने समझे, पर इतना यकीन है कोई अफसोस जरूर करेगा मुझे खो देने के बाद

उदास कर देती है.. हर रोज ये शाम..ऐसा लगता है जैसे भूल रहा है कोई.. धीरे- धीरे..

ये दिल भी उसी पे मरता है जो हमारी कदर नहीं करता

सिलसिला आज भी वही जारी है, तेरी याद, मेरी नींदों पर भारी है