अपने रब के फैसले पर भला शक कैसे करुँ सजा दे रहा है अगर वो कुछ तो गुनाह रहा होगा..

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युं ही हम दिल को साफ़ रखा करते थे…पता नही था की, ‘किमत चेहरों की होती है’ !

गुल्लक की तरह था रिश्ता हमारा जब टूटा तब कीमत समझ में आई

"जब हम रिश्तो के लिए वक़्त नहीं निकाल पाते तो वक़्त हमारे बीच से रिश्तो को निकाल देता है."

मुस्कुराना तो सीखना पड़ता हैं, रोना तो लोग सीखा देते हैं..

ज़िंदगी रही तो हर दिन तुम्हे याद करते रहेगे, भूल गया तो समझ लेना खुदा ने हमे याद कर लिया..

शक तो था मोहब्बत में नुक़सान होगा, पर सारा हमारा ही होगा ये मालूम न था

युं ही हम दिल को साफ़ रखा करते थे…पता नही था की, ‘किमत चेहरों की होती है’ !

गुल्लक की तरह था रिश्ता हमारा जब टूटा तब कीमत समझ में आई

"जब हम रिश्तो के लिए वक़्त नहीं निकाल पाते तो वक़्त हमारे बीच से रिश्तो को निकाल देता है."

मुस्कुराना तो सीखना पड़ता हैं, रोना तो लोग सीखा देते हैं..

ज़िंदगी रही तो हर दिन तुम्हे याद करते रहेगे, भूल गया तो समझ लेना खुदा ने हमे याद कर लिया..

शक तो था मोहब्बत में नुक़सान होगा, पर सारा हमारा ही होगा ये मालूम न था