आज तो दिन बन गया, मैंने उसे देखा, और वह मुझे देखकर मुस्कुराया।
“हर मोहब्बत की कहानी मुझे पसंद हैं, मगर हमारी कहानी मेरी मनपसंद हैं ।”
“डूबी हे मेरी उंगलिया खुद अपने लहू में, ये कांच के टुकडो को उठाने की सजा हे ।”
मेरे क्रश की वजह से मैं अधिकतर समय मुस्कुराता रहता हूँ और मुझे समझ ही नहीं आता मैं क्यों मुस्कुरा रहा हूँ ।
जिंदगी में कुछ न मांगा तेरे सीवा ओर जींदगी ने सबकुछ दीया तेरे सीवा ।”
काश मैं आपसे सिर्फ यह पूछ पाता, “आप मेरे बारे में क्या सोचते हैं?”
आज तो दिन बन गया, मैंने उसे देखा, और वह मुझे देखकर मुस्कुराया।
“हर मोहब्बत की कहानी मुझे पसंद हैं, मगर हमारी कहानी मेरी मनपसंद हैं ।”
“डूबी हे मेरी उंगलिया खुद अपने लहू में, ये कांच के टुकडो को उठाने की सजा हे ।”
मेरे क्रश की वजह से मैं अधिकतर समय मुस्कुराता रहता हूँ और मुझे समझ ही नहीं आता मैं क्यों मुस्कुरा रहा हूँ ।
जिंदगी में कुछ न मांगा तेरे सीवा ओर जींदगी ने सबकुछ दीया तेरे सीवा ।”
काश मैं आपसे सिर्फ यह पूछ पाता, “आप मेरे बारे में क्या सोचते हैं?”