ओह मेरी जान, ओह मेरी क्रश, सोचता तो बहुत हूँ की तुमसे ये बहुत बातें करूँगा और अपना प्यार इज़हार करूँगा, लेकिन जब मैं आपको देखता हूं तो मेरी बोलती बंद हो जाती है।
एक बार एक समय में, एक साधारण जीवन के बीच में, प्यार हमें कुछ विशेष दर्जा करवा देता है।
उसकी मुझे एक बात बहुत अच्छी लगती थी वो थी उसकी प्यारी सी मुस्कान … मुझे उसकी याद आती है।
जिंदगी में कुछ न मांगा तेरे सीवा ओर जींदगी ने सबकुछ दीया तेरे सीवा ।”
आज आपने मुझे “हाय” कहा uff मैं तो जैसे मर गया।
“तुमको देखा तो मौहब्बत भी समझ आई, वरना इस शब्द की तारीफ ही सुना करते थे ।”
ओह मेरी जान, ओह मेरी क्रश, सोचता तो बहुत हूँ की तुमसे ये बहुत बातें करूँगा और अपना प्यार इज़हार करूँगा, लेकिन जब मैं आपको देखता हूं तो मेरी बोलती बंद हो जाती है।
एक बार एक समय में, एक साधारण जीवन के बीच में, प्यार हमें कुछ विशेष दर्जा करवा देता है।
उसकी मुझे एक बात बहुत अच्छी लगती थी वो थी उसकी प्यारी सी मुस्कान … मुझे उसकी याद आती है।
जिंदगी में कुछ न मांगा तेरे सीवा ओर जींदगी ने सबकुछ दीया तेरे सीवा ।”
आज आपने मुझे “हाय” कहा uff मैं तो जैसे मर गया।
“तुमको देखा तो मौहब्बत भी समझ आई, वरना इस शब्द की तारीफ ही सुना करते थे ।”