कोई अपना सा क्या लगा एक बार, किस्मत ने तो बुरा ही मान लिया

कोई अपना सा क्या लगा एक बार, किस्मत ने तो बुरा ही मान लिया

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हमे बुरा न समझो जनाब हम दर्द लिखते है देते नहीं.

मैंने दोस्ती माँगी थी वो इश्क़ देकर बर्बाद कर गया

कदर करना सिख लो क्योंकि.. ना ही ज़िंदगी वापिस आती है और ना ही लोग..

अकेली रात .. बोलती बहुत है लेकिन सुन वही सकता है जो खुद भी अकेला हो .

काश आंसूं के साथ यादें बाह जाती .. तो एक दिन तसली के साथ बैठ कर रो लेता ...

गया था मै तुझसे दुर बहुत कुछ पाने के लिए ……….पर सिवाए तेरी यादो के कुछ हासिल ना हुआ !!!!

हमे बुरा न समझो जनाब हम दर्द लिखते है देते नहीं.

मैंने दोस्ती माँगी थी वो इश्क़ देकर बर्बाद कर गया

कदर करना सिख लो क्योंकि.. ना ही ज़िंदगी वापिस आती है और ना ही लोग..

अकेली रात .. बोलती बहुत है लेकिन सुन वही सकता है जो खुद भी अकेला हो .

काश आंसूं के साथ यादें बाह जाती .. तो एक दिन तसली के साथ बैठ कर रो लेता ...

गया था मै तुझसे दुर बहुत कुछ पाने के लिए ……….पर सिवाए तेरी यादो के कुछ हासिल ना हुआ !!!!