“तुमको देखा तो मौहब्बत भी समझ आई, वरना इस शब्द की तारीफ ही सुना करते थे ।”
“मना की आप मुझसे दूर हैं, मगर मेरे दिल के बहुत करीब हैं, हम दिन हो या रात आपको ही याद करके ये दूरियां कम कर लेते हैं ।”
हमें एक साथ होना चाहिए। अब की तरह। आप मुझे पसंद करते हैं, बेबी, और मैं आपको पसंद करता हूं। हम सिर्फ एक साथ क्यों नहीं हो सकते?
जिंदगी में कुछ न मांगा तेरे सीवा ओर जींदगी ने सबकुछ दीया तेरे सीवा ।”
मुझे यह बताने की इच्छा थी कि जब भी आप मेरे पास होते हैं, आप मुझे एक बेवकूफ की तरह इस्तेमाल करते हैं।
आज तो दिन बन गया, मैंने उसे देखा, और वह मुझे देखकर मुस्कुराया।
“तुमको देखा तो मौहब्बत भी समझ आई, वरना इस शब्द की तारीफ ही सुना करते थे ।”
“मना की आप मुझसे दूर हैं, मगर मेरे दिल के बहुत करीब हैं, हम दिन हो या रात आपको ही याद करके ये दूरियां कम कर लेते हैं ।”
हमें एक साथ होना चाहिए। अब की तरह। आप मुझे पसंद करते हैं, बेबी, और मैं आपको पसंद करता हूं। हम सिर्फ एक साथ क्यों नहीं हो सकते?
जिंदगी में कुछ न मांगा तेरे सीवा ओर जींदगी ने सबकुछ दीया तेरे सीवा ।”
मुझे यह बताने की इच्छा थी कि जब भी आप मेरे पास होते हैं, आप मुझे एक बेवकूफ की तरह इस्तेमाल करते हैं।
आज तो दिन बन गया, मैंने उसे देखा, और वह मुझे देखकर मुस्कुराया।