कोई हमारा भी था, कल की ही बात है.

कोई हमारा भी था, कल की ही बात है.

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हमे पता है तुम कहीं और के मुसाफिर हो हमारा शहर तो बस यूँ ही रस्ते में आया था

दिल उसके इंतज़ार में डूबा है. जो किसी और की चाहत में डूबा है.

खुद पर भरोसा करना सिख़लो सहारा चाहे कितना ही सच्चा हो एक ना एक दिन साथ छोड़ ही देता हैं

किसी को इतना IGNORE मत करो की वह तुम्हारे बिना जीना सिख जाए

जब ऑंसू गिरने बंद हो जाये तोह तकलीफ गुस्सा बन क बाहर अति है

बात ये नहीं थी, कुछ कहना था तुम्हें.. तकलीफ़ ये है, कि तुम ख़ामोश क्यूँ रहे..

हमे पता है तुम कहीं और के मुसाफिर हो हमारा शहर तो बस यूँ ही रस्ते में आया था

दिल उसके इंतज़ार में डूबा है. जो किसी और की चाहत में डूबा है.

खुद पर भरोसा करना सिख़लो सहारा चाहे कितना ही सच्चा हो एक ना एक दिन साथ छोड़ ही देता हैं

किसी को इतना IGNORE मत करो की वह तुम्हारे बिना जीना सिख जाए

जब ऑंसू गिरने बंद हो जाये तोह तकलीफ गुस्सा बन क बाहर अति है

बात ये नहीं थी, कुछ कहना था तुम्हें.. तकलीफ़ ये है, कि तुम ख़ामोश क्यूँ रहे..