तेरी नाराज़गी वाजिब है दोस्त.. मैं भी खुद से खुश नहीं हूं आजकल...

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ज़िन्दगी ने तो एक बात सीखा दी की हम किसी के लिए हमेशा खास नहीं रह सकते

बुरा हमें भी लगता है बस तुम्हे एहसास नहीं होने देते

नसीहत अच्छी देती है दुनिया अगर दर्द किसी ग़ैर का हो

मुझको धुंड लेता है रोज किसी बहानोंसे दर्द हो गया है वाक़िफ़ मेरे ठीकानोंसे

गुज़रे है आज इश्‍क के उस मुकाम से, नफरत सी हो गयी है मोहब्बत के नाम से ।

ज़िन्दगी चैन से गुज़र जाए , तू अगर ज़हन से उतर जाए

ज़िन्दगी ने तो एक बात सीखा दी की हम किसी के लिए हमेशा खास नहीं रह सकते

बुरा हमें भी लगता है बस तुम्हे एहसास नहीं होने देते

नसीहत अच्छी देती है दुनिया अगर दर्द किसी ग़ैर का हो

मुझको धुंड लेता है रोज किसी बहानोंसे दर्द हो गया है वाक़िफ़ मेरे ठीकानोंसे

गुज़रे है आज इश्‍क के उस मुकाम से, नफरत सी हो गयी है मोहब्बत के नाम से ।

ज़िन्दगी चैन से गुज़र जाए , तू अगर ज़हन से उतर जाए