नाराज़ होने का शौक भी पूरा कर लो तुम लगता है हम तुम्हें ज़िन्दा अच्छे नहीं लगते
देख लिया खुद को बिजी रख कर भी फिर भी याद सिर्फ तुम्हारी आती हैं.
आज कितने दिनो बाद हुई यह बरसात याद दिलाती यह आपकी हर बात......
चेहरे अक्सर झूठ भी बोला करते हैं.. रिश्तों की हकीकत वक़्त पर पता चलती हैं..
"आँखों से हाल पूछा दिल का, एक बूंद टपक पड़ी लहू की..."
मत कर मोहबत तेरे बस की बात नही जो दर्द मेरे पास है, उस दर्द की दवा तेरे पास नही.
नाराज़ होने का शौक भी पूरा कर लो तुम लगता है हम तुम्हें ज़िन्दा अच्छे नहीं लगते
देख लिया खुद को बिजी रख कर भी फिर भी याद सिर्फ तुम्हारी आती हैं.
आज कितने दिनो बाद हुई यह बरसात याद दिलाती यह आपकी हर बात......
चेहरे अक्सर झूठ भी बोला करते हैं.. रिश्तों की हकीकत वक़्त पर पता चलती हैं..
"आँखों से हाल पूछा दिल का, एक बूंद टपक पड़ी लहू की..."
मत कर मोहबत तेरे बस की बात नही जो दर्द मेरे पास है, उस दर्द की दवा तेरे पास नही.