देख लिया खुद को बिजी रख कर भी फिर भी याद सिर्फ तुम्हारी आती हैं.
काटे तो नसीब में आने ही थे.. फूल जो गुलाब चुना था हमने..
सारी दुनिया के रूठ जाने से मुझे कोई दुख नहीं, बस एक तेरा खामोश रहना मुझे तकलीफ देता है
हमे देखकर..अनदेखा कर दिया उसने, बंद आंखों से पहचानने का, कभी दावा किया था जिसने
बहुत जल्दी भरोसा कर रहे हो, कभी पहले टूटा नहीं क्या?
आज कितने दिनो बाद हुई यह बरसात याद दिलाती यह आपकी हर बात......
देख लिया खुद को बिजी रख कर भी फिर भी याद सिर्फ तुम्हारी आती हैं.
काटे तो नसीब में आने ही थे.. फूल जो गुलाब चुना था हमने..
सारी दुनिया के रूठ जाने से मुझे कोई दुख नहीं, बस एक तेरा खामोश रहना मुझे तकलीफ देता है
हमे देखकर..अनदेखा कर दिया उसने, बंद आंखों से पहचानने का, कभी दावा किया था जिसने
बहुत जल्दी भरोसा कर रहे हो, कभी पहले टूटा नहीं क्या?
आज कितने दिनो बाद हुई यह बरसात याद दिलाती यह आपकी हर बात......