रिश्ते वो होते हैं जिसमे शब्द कम और समझ ज्यादा हो......

रिश्ते वो होते हैं जिसमे शब्द कम और समझ ज्यादा हो......

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हम रोज़ उदास होते हैं और रात गुज़र जाती है एक दिन रात उदास होगी और हम गुज़र जाएंगे

सिलसिला आज भी वही जारी है, तेरी याद, मेरी नींदों पर भारी है

मुझे हँसता हुआ देखा तो परेशान सा लगा....वह तो रिस्ते हुये जख्म देखने आया था मेरे...

गुल्लक की तरह था रिश्ता हमारा जब टूटा तब कीमत समझ में आई

कोई हमारा भी था, कल की ही बात है.

अकेली रात .. बोलती बहुत है लेकिन सुन वही सकता है जो खुद भी अकेला हो .

हम रोज़ उदास होते हैं और रात गुज़र जाती है एक दिन रात उदास होगी और हम गुज़र जाएंगे

सिलसिला आज भी वही जारी है, तेरी याद, मेरी नींदों पर भारी है

मुझे हँसता हुआ देखा तो परेशान सा लगा....वह तो रिस्ते हुये जख्म देखने आया था मेरे...

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कोई हमारा भी था, कल की ही बात है.

अकेली रात .. बोलती बहुत है लेकिन सुन वही सकता है जो खुद भी अकेला हो .