मेरी जेब मे जरा सा छेद क्या हो गया, सिक्को से ज्यादा तो रिश्ते गिर गए .

मेरी जेब मे जरा सा छेद क्या हो गया, सिक्को से ज्यादा तो रिश्ते गिर गए .

Share:

More Like This

हम रोज़ उदास होते हैं और रात गुज़र जाती है एक दिन रात उदास होगी और हम गुज़र जाएंगे

कुछ अलग सा है अपनी मौहबत का हाल... तेरी चुपी और मेरा सवाल ....!!!!

जो मेरे बुरे वक्त में मेरे साथ है मे उन्हें वादा करती हूँ मेरा अच्छा वक्त सिर्फ उनके लिए होगा

जिनसे दूर नहीं रह पाते, उन्हें से से दूर हो जाते हैं.

किस हक़ से माँगहु अपने हिस्से का वक़त आपसे, क्यूंकि न आप मेरे हो और न ही वक़त मेरा है

बड़े अजीब से इस दुनिया के मेले हैं, यूँ तो दिखती भीड़ है, पर फिर भी सब अकेले हैं

हम रोज़ उदास होते हैं और रात गुज़र जाती है एक दिन रात उदास होगी और हम गुज़र जाएंगे

कुछ अलग सा है अपनी मौहबत का हाल... तेरी चुपी और मेरा सवाल ....!!!!

जो मेरे बुरे वक्त में मेरे साथ है मे उन्हें वादा करती हूँ मेरा अच्छा वक्त सिर्फ उनके लिए होगा

जिनसे दूर नहीं रह पाते, उन्हें से से दूर हो जाते हैं.

किस हक़ से माँगहु अपने हिस्से का वक़त आपसे, क्यूंकि न आप मेरे हो और न ही वक़त मेरा है

बड़े अजीब से इस दुनिया के मेले हैं, यूँ तो दिखती भीड़ है, पर फिर भी सब अकेले हैं