उस हस्ती तस्वीर को क्या मालूम, उसे देखकर कितना रोया जाता है

उस हस्ती तस्वीर को क्या मालूम, उसे देखकर कितना रोया जाता है

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बात वफाओं की होती तो कभी न हारते, बात नीसब की थी, कुछ ना कर सके |

मै उसके लिए चाय बनाना सीखता रहा और वो पैग बनाने वाले के साथ भाग गई

उदास हूँ पर तुझसे नाराज़ नहीं तेरे दिल मे हूँ पर तेरे पास नहीं वैसे तो सब कुछ आ मेरे पास पर तेरे जैसा कोई खास नहीं

झुठ बोलकर तो मैं भी दरिया पार कर जाता, मगर डूबो दिया मुझे सच बोलने की आदत ने

मोहब्बत क्या है चलो दो लफ्ज़ो में बताते है तेरा मजबूर कर देना मेरा मजबूर हो जाना

मेरी याद क़यामत की तरह है एक दिन ज़रूर आएगी

बात वफाओं की होती तो कभी न हारते, बात नीसब की थी, कुछ ना कर सके |

मै उसके लिए चाय बनाना सीखता रहा और वो पैग बनाने वाले के साथ भाग गई

उदास हूँ पर तुझसे नाराज़ नहीं तेरे दिल मे हूँ पर तेरे पास नहीं वैसे तो सब कुछ आ मेरे पास पर तेरे जैसा कोई खास नहीं

झुठ बोलकर तो मैं भी दरिया पार कर जाता, मगर डूबो दिया मुझे सच बोलने की आदत ने

मोहब्बत क्या है चलो दो लफ्ज़ो में बताते है तेरा मजबूर कर देना मेरा मजबूर हो जाना

मेरी याद क़यामत की तरह है एक दिन ज़रूर आएगी