कभी कभी इंसान ना टूटता है ना बिखरता है बस हार जाता है कभी किस्मत से तो कभी अपनों से
पुछा किसी ने की याद आती है उसकी में मुस्कुराया और बोला तभी तो ज़िंदा हूँ
रिश्ते वो होते हैं जिसमे शब्द कम और समझ ज्यादा हो......
दिल उसके इंतज़ार में डूबा है. जो किसी और की चाहत में डूबा है.
बहुत शोक था दुसरो को खुश रखने का होश तब आया जब खुद को अकेला पाया
सारी दुनिया के रुठ जाने से मुझे कोई दुख नहीं, बस एक तेरा खामोश रहना मुझे तकलीफ देता है.
कभी कभी इंसान ना टूटता है ना बिखरता है बस हार जाता है कभी किस्मत से तो कभी अपनों से
पुछा किसी ने की याद आती है उसकी में मुस्कुराया और बोला तभी तो ज़िंदा हूँ
रिश्ते वो होते हैं जिसमे शब्द कम और समझ ज्यादा हो......
दिल उसके इंतज़ार में डूबा है. जो किसी और की चाहत में डूबा है.
बहुत शोक था दुसरो को खुश रखने का होश तब आया जब खुद को अकेला पाया
सारी दुनिया के रुठ जाने से मुझे कोई दुख नहीं, बस एक तेरा खामोश रहना मुझे तकलीफ देता है.