ज़िन्दगी चैन से गुज़र जाए , तू अगर ज़हन से उतर जाए
एक फ़क़ीर ने कहा था चिंता ना कर वो भी रोएगा जो आज तुझे रुला रहा है
एक थी समझने वाली मुझे ... अब वो भी समझदार हो गयी है
दिल को कागज समझ रखा है क्या.. आते हो, जलाते हो, चले जाते हो
नसीहत अच्छी देती है दुनिया अगर दर्द किसी ग़ैर का हो
बड़े अजीब से इस दुनिया के मेले हैं, यूँ तो दिखती भीड़ है, पर फिर भी सब अकेले हैं
ज़िन्दगी चैन से गुज़र जाए , तू अगर ज़हन से उतर जाए
एक फ़क़ीर ने कहा था चिंता ना कर वो भी रोएगा जो आज तुझे रुला रहा है
एक थी समझने वाली मुझे ... अब वो भी समझदार हो गयी है
दिल को कागज समझ रखा है क्या.. आते हो, जलाते हो, चले जाते हो
नसीहत अच्छी देती है दुनिया अगर दर्द किसी ग़ैर का हो
बड़े अजीब से इस दुनिया के मेले हैं, यूँ तो दिखती भीड़ है, पर फिर भी सब अकेले हैं